Ad Image
Ad Image
पप्पू यादव को लेकर पटना पुलिस IGMS पहुंची, स्वास्थ्य जांच की तैयारी || पप्पू यादव ने कहा: साजिश के तहत गिरफ्तारी, जान का है खतरा || पूर्णिया सांसद पप्पू यादव गिरफ्तार, 1995 के मामले में गिरफ्तारी || सुप्रीम कोर्ट ने नोएडा हेट स्पीच मामले की आज सुनवाई की || लोकसभा से निलंबित सांसदों पर आसन पर कागज फेंकने का आरोप || लोकसभा से कांग्रेस के 7 और माकपा का 1 सांसद निलंबित || पटना: NEET की छात्रा के रेप और हत्या को लेकर सरकार पर जमकर बरसे तेजस्वी || स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा, केशव मौर्य को होना चाहिए यूपी का CM || मतदाता दिवस विशेष: मुख्य चुनाव आयुक्त ने कहा 'मतदान राष्ट्रसेवा' || नितिन नबीन बनें भाजपा के पूर्णकालिक राष्ट्रीय अध्यक्ष, डॉ. लक्ष्मण ने की घोषणा

The argument in favor of using filler text goes something like this: If you use any real content in the Consulting Process anytime you reach.

  • img
  • img
  • img
  • img
  • img
  • img

Get In Touch

डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को दी कड़ी चेतावनी

विदेशडेस्क,श्रेयांश पराशर l

वॉशिंगटन : अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि अगर अमेरिका और ईरान के बीच कूटनीतिक बातचीत सफल नहीं होती है, तो वह इज़रायल को ईरान के बैलिस्टिक मिसाइल कार्यक्रम के खिलाफ कार्रवाई में समर्थन देगा। यह खुलासा अमेरिकी मीडिया चैनल सीबीएस न्यूज़ ने अपनी रिपोर्ट में किया है।

रिपोर्ट के अनुसार, ट्रंप ने दिसम्बर में इज़रायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से बातचीत के दौरान यह बात कही थी। बातचीत में बताया गया कि अगर अमेरिका-ईरान वार्ता में कोई प्रगति नहीं होती है, तो अमेरिका इज़रायल की रणनीतिक सुरक्षा चिंताओं को समझते हुए मिसाइल कार्यक्रम पर इज़रायली कदमों का समर्थन कर सकता है। इसमें यह भी शामिल है कि इज़रायली विमानों को ईंधन और आवश्यक सहायता देने जैसे विकल्पों पर भी चर्चा हुई थी।

अमेरिकी सेना और खुफिया अधिकारी भी इस पर विचार कर रहे हैं कि ईरान के मिसाइल ढांचे के खिलाफ संभावित अभियान में इज़रायल की मदद किस तरीके से की जा सकती है। हालांकि, इस बात को लेकर अमेरिका या इज़रायल सरकार की तरफ से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं हुआ है।

वहीं जॉर्डन, सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात ने सार्वजनिक रूप से कहा है कि वे ईरान के खिलाफ किसी भी एकतरफा सैन्य हमले के लिए अपने एयरस्पेस का उपयोग नहीं करने देंगे और न ही किसी देश को ईरान के खिलाफ हमला करने की अनुमति देंगे।

इस बीच, अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा कि अमेरिका कस्बी तौर पर ईरान के साथ तनाव को कूटनीतिक तरीकों से सुलझाने को प्राथमिकता देगा।

अमेरिका-ईरान परमाणु वार्ता का दूसरा राउंड जिनेवा में मंगलवार को होने की उम्मीद है। रबियू ने यह भी बताया कि अमेरिका की प्रतिनिधित्व में स्टिव विटकॉफ और ट्रंप के सलाहकार जेरेड कुशनर वार्ता में शामिल होंगे।

विश्लेषकों का मानना है कि अगर बातचीत सफल रहती है, तो मध्य पूर्व में तनाव कम हो सकता है। लेकिन अगर वार्ता असफल होती है, तो मिसाइल कार्यक्रम और सैन्य विकल्पों पर समर्थन की चर्चाएँ क्षेत्रीय सुरक्षा को एक नए मोड़ पर ले जा सकती हैं।