विदेश डेस्क, आर्या कुमारी।
न्यूयॉर्क। बढ़ती वैश्विक तेल कीमतों और ऊर्जा संकट की आशंकाओं के बीच अमेरिका ने बड़ा कदम उठाते हुए अपने रणनीतिक पेट्रोलियम भंडार से 17.2 करोड़ बैरल कच्चा तेल बाजार में जारी करने का निर्णय लिया है। यह फैसला अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतों को नियंत्रित करने के उद्देश्य से लिया गया है।
अमेरिकी ऊर्जा मंत्री Chris Wright ने एक बयान में बताया कि International Energy Agency के 32 सदस्य देशों ने मिलकर ऊर्जा कीमतों को कम करने के लिए समन्वित कार्रवाई पर सहमति जताई है। इसके तहत सदस्य देश अपने-अपने भंडार से कुल मिलाकर लगभग 40 करोड़ बैरल तेल और परिष्कृत पेट्रोलियम उत्पाद बाजार में उपलब्ध कराएंगे।
ऊर्जा मंत्री के अनुसार, राष्ट्रपति Donald Trump ने ऊर्जा विभाग को अमेरिका के हिस्से के रूप में 17.2 करोड़ बैरल तेल जारी करने की अनुमति दे दी है। यह प्रक्रिया अगले सप्ताह से शुरू की जाएगी।
बताया गया है कि योजनाबद्ध वितरण दर के आधार पर इस तेल को बाजार तक पहुंचाने में करीब 120 दिन का समय लगेगा। इस दौरान धीरे-धीरे तेल जारी किया जाएगा ताकि अंतरराष्ट्रीय बाजार में आपूर्ति स्थिर बनी रहे और कीमतों में अचानक उतार-चढ़ाव न हो।
अमेरिकी प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि रणनीतिक पेट्रोलियम भंडार में कमी की भरपाई के लिए पहले से ही योजना तैयार कर ली गई है। अगले एक वर्ष के भीतर लगभग 20 करोड़ बैरल तेल की खरीद कर इन भंडारों को फिर से भरने की व्यवस्था की जा रही है।
ऊर्जा विशेषज्ञों का मानना है कि Strait of Hormuz क्षेत्र में बढ़े तनाव और ईरान से जुड़े घटनाक्रम के कारण वैश्विक तेल आपूर्ति प्रभावित हुई है। ऐसे में अमेरिका और अन्य देशों के इस कदम से अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतों को स्थिर करने में मदद मिल सकती है।







