स्टेट डेस्क , रानी कुमारी
बिहार पुलिस ने राज्य के सभी पुलिस थानों की कार्यप्रणाली को अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और प्रभावी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। पुलिस मुख्यालय ने पुलिस स्टेशन मैनेजमेंट एप्लिकेशन विकसित किया है, जिसके माध्यम से थानों में होने वाले अनुसंधान, कानून-व्यवस्था, लंबित मामलों और दैनिक प्रशासनिक कार्यों की ऑनलाइन निगरानी की जाएगी। इस नई व्यवस्था से पुलिस मुख्यालय सीधे तौर पर थानों के कार्यों पर नजर रख सकेगा और समय-समय पर आवश्यक दिशा-निर्देश भी जारी कर सकेगा।
बिहार पुलिस के अनुसार, यह प्रणाली थानों में चल रहे कार्यों की रियल-टाइम मॉनिटरिंग सुनिश्चित करेगी। इससे अनुसंधान की गति, शिकायतों के निस्तारण, लंबित मामलों की स्थिति तथा अन्य प्रशासनिक गतिविधियों की जानकारी तत्काल उपलब्ध हो सकेगी। अधिकारियों का मानना है कि इस तकनीकी पहल से पुलिसिंग में पारदर्शिता बढ़ेगी और आम जनता को बेहतर सेवाएं मिलेंगी।
फिलहाल इस एप्लिकेशन को मुंगेर और बक्सर जिलों में पायलट प्रोजेक्ट के रूप में शुरू किया गया है। दोनों जिलों में इसके सफल परीक्षण और लाइव संचालन के बाद इसे राज्य के सभी 1382 पुलिस थानों में लागू किया जाएगा। बिहार पुलिस मुख्यालय का कहना है कि शुरुआती परिणाम उत्साहजनक रहे हैं और जल्द ही इसे पूरे राज्य में विस्तारित करने की तैयारी की जा रही है।
अधिकारियों के मुताबिक, बिहार में पहली बार थाना स्तर पर कार्यों की सतत और केंद्रीकृत निगरानी के लिए इस तरह की डिजिटल व्यवस्था विकसित की गई है। इससे पुलिस प्रशासन को डेटा आधारित निर्णय लेने में सहायता मिलेगी, वहीं थानों की जवाबदेही भी बढ़ेगी। किसी भी स्तर पर कार्य में देरी या लापरवाही होने पर उसकी जानकारी तुरंत मुख्यालय तक पहुंच सकेगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि डिजिटल तकनीक के बढ़ते उपयोग के साथ यह पहल बिहार पुलिस के आधुनिकीकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकती है। इससे न केवल पुलिस व्यवस्था की कार्यकुशलता बढ़ेगी, बल्कि अपराध नियंत्रण और कानून-व्यवस्था बनाए रखने में भी सहायता मिलेगी।







