मुस्कान कुमारी, नेशनल डेस्क।
दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे का उद्घाटन कर दिया। अब राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली से उत्तराखंड की राजधानी देहरादून के बीच यात्रा का समय छह घंटे से घटकर मात्र ढाई घंटे रह जाएगा।
दिल्ली-देहरादून आर्थिक गलियारा के नाम से मशहूर यह 212 किलोमीटर लंबा छह लेन का एक्सप्रेसवे दिल्ली, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड से होकर गुजरता है। प्रधानमंत्री मोदी ने आज उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में एक्सप्रेसवे के ऊंचे हिस्से पर वाइल्डलाइफ कॉरिडोर का निरीक्षण किया। इसके बाद देहरादून के पास जय मां दात काली मंदिर में पूजा-अर्चना की। उद्घाटन के साथ ही पूरा एक्सप्रेसवे आम जनता के लिए खुल गया है।
यात्रा समय में क्रांतिकारी बदलाव
यह परियोजना उत्तर भारत की सड़क सुविधा में ऐतिहासिक छलांग साबित होगी। पहले दिल्ली से देहरादून पहुंचने में छह घंटे से ज्यादा समय लगता था। अब यात्री सिर्फ ढाई घंटे में दोनों शहरों के बीच पहुंच सकेंगे। हरिद्वार और रुड़की जाने वाले रास्तों पर भी समय की बचत होगी।
11,868 करोड़ रुपये की मेगा परियोजना
फरवरी 2021 में केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने इसकी नींव रखी थी। दिसंबर 2021 में प्रधानमंत्री मोदी ने दूसरी बार नींव रखी। कुल 11,868.6 करोड़ रुपये की लागत से बने इस एक्सप्रेसवे को मूल रूप से दिसंबर 2024 तक पूरा करने का लक्ष्य था। आज यह पूरी तरह चालू हो गया है।
पहला हिस्सा पहले ही जनता को समर्पित
एक्सप्रेसवे का 32 किलोमीटर लंबा पहला हिस्सा दिसंबर 2025 में ही खुल चुका था। यह दिल्ली के अक्षरधाम, गीता कॉलोनी और शास्त्री पार्क से शुरू होकर गाजियाबाद के मंडोला विहार होते हुए बागपत के खेकड़ा तक जाता है। अब बाकी हिस्से भी पूरी तरह operational हैं।
100 से ज्यादा अंडरपास और आधुनिक सुविधाएं
एक्सप्रेसवे पर 100 से अधिक अंडरपास और पांच रेलवे ओवरब्रिज बनाए गए हैं। यह दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे और ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे से जुड़ेगा। हरिद्वार-रुड़की जाने वाले रास्तों से भी सीधा कनेक्शन मिलेगा। पूरे कॉरिडोर पर एडवांस्ड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (ATMS) लगाया गया है, जो सुरक्षा और ट्रैफिक को बेहतर बनाएगा।
वाइल्डलाइफ संरक्षण की मिसाल
परियोजना का सबसे खास पहलू राजाजी नेशनल पार्क से गुजरने वाला 12 किलोमीटर लंबा ऊंचा वाइल्डलाइफ कॉरिडोर है। इसमें छह एनिमल अंडरपास, आठ एनिमल पास, दो 200 मीटर लंबे हाथी अंडरपास और दात काली मंदिर के पास 370 मीटर लंबी टनल शामिल है। इससे जानवरों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित होगी।
चार चरणों में पूरा हुआ निर्माण
एक्सप्रेसवे को चार चरणों में बनाया गया।
- चरण-1: दिल्ली के अक्षरधाम से बागपत तक 32 किमी, 12 लेन।
- चरण-2: ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे से सहारनपुर बायपास तक 118 किमी, छह लेन।
- चरण-3: सहारनपुर बायपास से गणेशपुर तक 40 किमी।
- चरण-4: गणेशपुर से देहरादून तक 20 किमी, जिसमें ट्विन टनल और वाइल्डलाइफ सेक्शन शामिल हैं।
यह परियोजना न सिर्फ यात्रा को तेज बनाएगी बल्कि पर्यटन, व्यापार और क्षेत्रीय विकास को नई गति देगी।







