नेशनल डेस्क, श्रेयांश पराशर l
नई दिल्ली। राजधानी के भारत मंडपम में आयोजित इंडिया एआई इम्पैक्ट सम्मेलन के दौरान शुक्रवार को भारतीय युवा कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया और केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों ने प्रधानमंत्री पर देश की अस्मिता और डेटा सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर समझौता करने का आरोप लगाया।
युवा कांग्रेस के नेताओं का कहना था कि सरकार आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डिजिटल प्लेटफॉर्म के नाम पर बड़े कार्यक्रम तो आयोजित कर रही है, लेकिन युवाओं की रोजगार, शिक्षा और तकनीकी पारदर्शिता से जुड़ी चिंताओं पर ठोस कदम नहीं उठाए जा रहे हैं। उनका आरोप है कि सम्मेलन को केवल प्रचार का माध्यम बना दिया गया है, जबकि देश के संसाधनों और नागरिकों के डेटा की सुरक्षा पर गंभीर सवाल बने हुए हैं।
प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने हाथों में पोस्टर और बैनर लेकर अपनी मांगें रखीं। उनका कहना था कि एआई नीति को लेकर व्यापक सार्वजनिक चर्चा होनी चाहिए और संसद में इस विषय पर विस्तृत बहस कराई जानी चाहिए। युवा कांग्रेस के अनुसार, सरकार को यह स्पष्ट करना चाहिए कि भारतीय नागरिकों का डेटा किस प्रकार सुरक्षित रखा जाएगा और विदेशी कंपनियों की भूमिका क्या होगी।
विपक्षी दलों ने भी सम्मेलन को लेकर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि भारत की प्रतिभा और तकनीकी क्षमता को मजबूत करने के बजाय इसे एक जनसंपर्क कार्यक्रम का रूप दिया जा रहा है। साथ ही, यह भी मांग की गई कि एआई से जुड़ी नीतियों में पारदर्शिता सुनिश्चित की जाए और युवाओं को रोजगार के ठोस अवसर प्रदान किए जाएं।
हालांकि, सरकार की ओर से अभी तक प्रदर्शन पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। सम्मेलन में देश-विदेश के तकनीकी विशेषज्ञ, उद्योग प्रतिनिधि और नीति निर्माता शामिल हुए हैं। ऐसे में एआई को लेकर राजनीतिक और नीतिगत बहस तेज होती नजर आ रही है।







