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देश में एलपीजी और पेट्रोलियम उत्पादों का पर्याप्त स्टॉक मौजूद, सरकार ने जनता से की अफवाहों से बचने की अपील

नेशनल डेस्क, श्रेया पाण्डेय 

नयी दिल्ली: पश्चिम एशिया में जारी गहरे भू-राजनीतिक संकट और युद्ध की परिस्थितियों के बीच, केंद्र सरकार ने देशवासियों को एक बार फिर पूरी तरह आश्वस्त किया है कि भारत में ऊर्जा संसाधनों की कोई कमी नहीं है।

सरकार ने स्पष्ट किया है कि घरेलू मोर्चे पर एलपीजी सिलेंडरों से लेकर पेट्रोल और डीजल सहित सभी आवश्यक पेट्रोलियम उत्पादों का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है। सरकार ने नागरिकों से अपील की है कि वे सोशल मीडिया या अन्य माध्यमों से फैलने वाली किसी भी तरह की भ्रामक सूचनाओं पर ध्यान न दें और ईंधन की कमी की आशंका में आकर 'पैनिक बाइंग' (हड़बड़ी में खरीदारी) करने से बचें।

गुरुवार को नई दिल्ली में आयोजित एक उच्च स्तरीय अंतर-मंत्रालयी संवाददाता सम्मेलन में अधिकारियों ने मौजूदा वैश्विक स्थिति पर विस्तृत जानकारी दी। अधिकारियों ने स्वीकार किया कि पश्चिम एशिया के संकटपूर्ण हालातों के कारण अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एलपीजी और कच्चे तेल की आपूर्ति श्रृंखला पर कुछ दबाव जरूर बना है, लेकिन भारतीय तेल विपणन कंपनियां (OMCs) और सरकार स्थिति को पूरी तरह नियंत्रण में रखे हुए हैं। देश के सभी हिस्सों में गैस वितरण एजेंसियों और तेल टर्मिनलों के पास पर्याप्त बफर स्टॉक मौजूद है, जिससे घरेलू स्तर पर आपूर्ति व्यवस्था निर्बाध रूप से चालू रखी जा सके। किसी भी डिस्ट्रीब्यूटरशिप पर स्टॉक खत्म होने (ड्राई-आउट) जैसी कोई समस्या नहीं है।

गैस सिलेंडरों की कालाबाजारी और अवैध डाइवर्जन को रोकने के लिए सरकार ने कड़े कदम उठाए हैं। अधिकारियों ने आंकड़ों के जरिए बताया कि देशभर में एलपीजी सिलेंडरों की ऑनलाइन बुकिंग अब रिकॉर्ड 99 प्रतिशत तक पहुंच चुकी है। इसके अलावा, डिलीवरी को पारदर्शी बनाने के लिए लागू की गई 'डिलीवरी ऑथेंटिकेशन कोड' (DAC) यानी ओटीपी (OTP) आधारित प्रणाली से वितरण का स्तर 96 प्रतिशत तक पहुंच गया है। इससे घरेलू सिलेंडरों की जमाखोरी और व्यावसायिक क्षेत्रों में उनके दुरुपयोग पर पूरी तरह लगाम लगी है। आपूर्ति की निरंतरता को दर्शाते हुए बताया गया कि पिछले महज तीन दिनों के भीतर देश में करीब 1.32 करोड़ सिलेंडरों की बुकिंग के मुकाबले 1.34 करोड़ से अधिक गैस सिलेंडरों की रिकॉर्ड सुरक्षित डिलीवरी की गई है।

इस बीच, सरकार की ऊर्जा संरक्षण और पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) विस्तार नीतियों के भी सकारात्मक परिणाम देखने को मिले हैं। सरकारी सुधारों और 'MYPNGD' पोर्टल के प्रयासों के चलते अब तक 58 हजार से अधिक उपभोक्ताओं ने स्वेच्छा से अपने एलपीजी कनेक्शन सरेंडर कर दिए हैं और पूरी तरह से पीएनजी (PNG) पाइपलाइन पर शिफ्ट हो गए हैं। सरकार ने कहा कि इस कदम से जरूरतमंद क्षेत्रों के लिए एलपीजी की उपलब्धता और अधिक सुदृढ़ हुई है।

संकट के इस दौर में उपभोक्ताओं को अनुचित महंगाई और जमाखोरी से बचाने के लिए प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है। सरकार ने सख्त लहजे में चेतावनी दी है कि ईंधन की कालाबाजारी और अवैध डाइवर्जन बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इसी प्रतिबद्धता के तहत पिछले तीन दिनों में देश के विभिन्न राज्यों में संदिग्ध ठिकानों और पेट्रोल पंपों पर 500 से अधिक औचक छापे मारे गए हैं तथा नियमों का उल्लंघन करने वाली डिस्ट्रीब्यूटरशिप्स के खिलाफ निलंबन और जुर्माने की कठोर कार्रवाई की जा रही है। सरकार ने अंत में पुनः दोहराया कि रिफाइनरियां पूरी क्षमता से काम कर रही हैं, इसलिए जनता को घबराने की बिल्कुल आवश्यकता नहीं है।