नेशनल डेस्क - प्रीति पायल
देशभर में चर्चा का विषय बने नीट पेपर लीक मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने अपनी जांच और तेज़ कर दी है। इसी क्रम में महाराष्ट्र के पुणे से एक महिला को हिरासत में लिया गया है। जांच एजेंसी को शक है कि महिला का संबंध उस नेटवर्क से हो सकता है, जो परीक्षा से पहले प्रश्नपत्र उपलब्ध कराने और अभ्यर्थियों से मोटी रकम वसूलने में शामिल था। सीबीआई अधिकारियों ने महिला से कई घंटों तक पूछताछ की और उसके मोबाइल फोन, लैपटॉप तथा कुछ दस्तावेज भी जब्त किए हैं।
सूत्रों के अनुसार, जांच के दौरान एजेंसी को कुछ डिजिटल सबूत मिले हैं, जिनके आधार पर यह कार्रवाई की गई। बताया जा रहा है कि महिला कई संदिग्ध लोगों के संपर्क में थी और उसने परीक्षा से पहले कुछ छात्रों व अभिभावकों से बातचीत भी की थी। सीबीआई अब उसके बैंक खातों और कॉल रिकॉर्ड की भी जांच कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि पैसे का लेन-देन किस प्रकार हुआ।
इस मामले में पहले भी बिहार, झारखंड, गुजरात और दिल्ली समेत कई राज्यों में छापेमारी की जा चुकी है। जांच एजेंसियों का मानना है कि पेपर लीक का नेटवर्क कई राज्यों में फैला हुआ था और इसमें दलालों, कोचिंग संचालकों तथा तकनीकी माध्यमों का इस्तेमाल किया गया। सीबीआई अब इस पूरे गिरोह के मास्टरमाइंड तक पहुंचने की कोशिश कर रही है।
नीट परीक्षा में गड़बड़ी की खबर सामने आने के बाद लाखों छात्रों और अभिभावकों में नाराजगी देखने को मिली थी।
विपक्षी दलों ने भी मामले को लेकर केंद्र सरकार पर सवाल उठाए थे और परीक्षा प्रणाली की पारदर्शिता पर चिंता जताई थी। इसके बाद केंद्र सरकार ने मामले की जांच सीबीआई को सौंप दी थी ताकि निष्पक्ष जांच हो सके।
सीबीआई अधिकारियों का कहना है कि जांच अभी जारी है और आने वाले दिनों में कई और लोगों से पूछताछ हो सकती है। एजेंसी इस मामले में हर उस व्यक्ति की भूमिका की जांच कर रही है, जिसने परीक्षा की गोपनीयता भंग करने में किसी भी प्रकार से सहयोग किया हो। फिलहाल पुणे से हिरासत में ली गई महिला से लगातार पूछताछ की जा रही है और उसके आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी।







