नेशनल डेस्क, राहुल गुप्ता।
वस्तुगत सदस्य पद के उम्मीदवार रह चुके हैं सुबोध कुमार गुप्ता। नेपाल के आर्थिक विकास की गति और दिशा फिर से बहस के केंद्र में आ गई है। राजनीतिक स्थिरता की ओर यात्रा, आधारभूत संरचना का विस्तार और निजी क्षेत्र की सक्रियता के साथ ही देश आर्थिक रूपांतरण की ओर बढ़ने के संकेत दे रहा है। इसी संदर्भ में डॉ. सुबोध कुमार गुप्ता ने दावा किया है कि अब देश में “आर्थिक क्रांति” संभव है।
नेपाल उद्योग वाणिज्य महासंघ (एफएनसीसीआई) के वस्तुगत सदस्य पद के उम्मीदवार भी रह चुके गुप्ता ने कहा कि नेपाल अब संभावनाओं की चर्चा करने के चरण से व्यवहारिक कार्यान्वयन की दिशा में प्रवेश कर चुका है।
नेपाल की अर्थव्यवस्था लंबे समय से राजनीतिक संक्रमण, नीतिगत अस्थिरता, निवेश अनुकूल वातावरण की कमी और उत्पादन आधारित क्षेत्रों की कमजोरी जैसी समस्याओं से प्रभावित रही है।
लेकिन पिछले कुछ वर्षों में कुछ सकारात्मक संकेत दिखाई दिए हैं, यह गुप्ता का कहना है। उनके अनुसार सड़क, ऊर्जा और शहरी आधारभूत संरचना में सुधार, सूचना प्रौद्योगिकी में युवाओं की रुचि, पर्यटन क्षेत्र का पुनरुत्थान, जलविद्युत् निर्यात की संभावनाएं और बैंकिंग पहुंच का विस्तार नए अवसर पैदा कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि अब चुनौतियों को अवसर में बदलने का समय आ गया है।
गुप्ता ने आर्थिक रूपांतरण के लिए निजी क्षेत्र को नेतृत्व लेने पर जोर दिया। उनके अनुसार उत्पादन आधारित उद्योगों में निवेश बढ़ाना, आयात पर निर्भरता कम करना, निर्यात को बढ़ावा देना और व्यापार घाटे को कम करना तथा लघु और मध्यम उद्योगों को सशक्त बनाना आवश्यक है।
सरकार और निजी क्षेत्र के बीच सहयोग (PPP मॉडल) को उन्होंने दीर्घकालीन विकास की आधारशिला माना।
नीति निर्माण सरकार की जिम्मेदारी है, लेकिन कार्यान्वयन में निजी क्षेत्र की भूमिका निर्णायक होगी, उनका कहना है।
एफएनसीसीआई के वस्तुगत सदस्य पद के लिए उम्मीदवार गुप्ता ने अपनी उम्मीदवारी को आर्थिक परिवर्तन के अभियान के रूप में प्रस्तुत किया है।
उनके एजेंडे में उद्योग अनुकूल नीति का कार्यान्वयन, निर्यात केंद्रित अर्थव्यवस्था, युवा उद्यमिता को बढ़ावा, डिजिटल अर्थव्यवस्था में निवेश और संस्थाओं के बीच समन्वय शामिल हैं।
गुप्ता का मानना है कि एफएनसीसीआई केवल व्यवसायियों की संस्था नहीं बल्कि आर्थिक नीति निर्माण में प्रभाव डालने वाला एक प्लेटफार्म बनना चाहिए।
व्यवसायिक क्षेत्र में लंबे अनुभव रखने वाले गुप्ता ने उद्योग प्रोत्साहन, व्यापारिक नेटवर्क विस्तार और युवा उद्यमियों को मार्गदर्शन देने में योगदान दिया है।
वे विभिन्न व्यावसायिक संघ-संस्थाओं में नेतृत्वकारी भूमिकाओं में सक्रिय रहे हैं और निजी क्षेत्र के मुद्दों को सरकार के सामने उठाने में भी संलग्न रहे हैं।
व्यवसायी समुदाय ने गुप्ता की “आर्थिक क्रांति” अवधारणा को सकारात्मक रूप में लिया है।
हालांकि, आर्थिक विश्लेषकों का कहना है कि इसे सफलतापूर्वक लागू करने के लिए नीतिगत स्थिरता, पारदर्शी प्रशासन, निवेश अनुकूल माहौल और दीर्घकालीन योजना आवश्यक है।
नेपाल अब यह निर्णय लेने के मोड़ पर है कि वह पुराने ढांचे में आगे बढ़ेगा या नई सोच के साथ आर्थिक रूपांतरण करेगा।
गुप्ता का विश्वास है कि प्राकृतिक संसाधनों, दक्ष जनशक्ति और अंतर्राष्ट्रीय बाजार तक पहुंच का सही उपयोग कर नेपाल उल्लेखनीय आर्थिक प्रगति कर सकता है।
नेपाल का आर्थिक भविष्य नीति, नेतृत्व और प्रभावी कार्यान्वयन पर निर्भर करेगा।
गुप्ता द्वारा प्रस्तुत “आर्थिक क्रांति” अवधारणा यदि व्यवहार में लागू हो जाती है, तो निजी क्षेत्र, सरकार और नागरिक समाज के सहयोग से सतत आर्थिक विकास संभव होगा।







