स्टेट डेस्क, आकाश अस्थाना ।
- *जमीन, शराब और बालू माफियाओं पर कसा शिकंजा*
- *सम्राट के सुशासन में पुलिस चुस्त, जनता निश्चिंत और अपराधी त्रस्त*
*- बुजुर्गों को मान और महिलाओं को सम्मान श्री चौधरी का स्वभाव*
*- 24x7 जनता का काम सम्राट चौधरी की यूएसपी*
पटना, सम्राट चौधरी, बिहार की सियासत का वो चेहरा, जो अपने तेवर, फैसलों और अपराधियों के खिलाफ सख्त एक्शन से लगातार सुर्खियों में हैं।
लाउड एंड क्लियर मैसेज, तेज फैसले और सुशासन को नई धार-गृहमंत्री के तौर पर अपराध पर सीधा प्रहार, तो उपमुख्यमंत्री के रूप में विकास को नई रफ्तार। अपराधियों को खुली चेतावनी, सिस्टम में बड़े सुधार और विकास के नए विजन के साथ तेजी से बदलता बिहार। सम्राट के सुशासन की पड़ताल करती देखिए हमारी ये खास रिपोर्ट। बिहार में बहार है क्योंकि यहां नीतीश कुमार के नेतृत्व वाली डबल इंजन NDA सरकार है। न्याय, विकास और सुशासन की सरकार में उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, नीतीश कुमार के साथ बिहार के विकास का नया अध्याय लिख रहे हैं।
प्रखर वक्ता, मुखर नेता, स्वच्छ छवि और दृढ़ प्रशासक वाले सम्राट चौधरी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सबका साथ, सबका विकास और सबका विश्वास ध्येय के साथ बिहार को विकास के पथ पर तेजी से बढ़ा रहे हैं। सरकार में गृहमंत्री बनने के बाद वे सुशासन को और मजबूत कर रहे हैं। कानून-व्यवस्था की कमान संभालते ही उन्होंने अपराधियों को साफ संदेश दिया—अपराधी अपराध छोड़ें या बिहार छोड़ दें। जमीन, शराब और बालू माफिया को भी दो टूक चेतावनी है-किसी को बख्शा नहीं जाएगा। उनके मॉडल में पुलिस चुस्त है, जनता निश्चिंत और अपराधी त्रस्त है। जनता की प्रतिक्रिया भी तो यही कह रही है। बुजुर्गों को मान और महिलाओं को सम्मान सम्राट चौधरी का स्वभाव है। उनकी कार्यशैली सख्त, तेवर लाउड क्लीयर और स्पष्ट हैं, 24x7 जनता का काम सम्राट चौधरी की यूएसपी है।
अपराध नियंत्रण के लिए उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का नया स्मार्ट प्लान
वहीं राज्य में अपराध नियंत्रण के लिए ‘सम्राट का स्मार्ट प्लान है। अपराधियों को बिहार छोड़ने या सुधरने की चेतावनी, 3 महीने में अपराध मुक्त करने का लक्ष्य निर्धारित किया। जिसमें 24 घंटे में बेगूसराय में शिवदत्त राय का एनकाउंटर, धारा 109 के तहत संपत्ति जब्ती के निर्देश दिये गये। बुलडोजर और मुठभेड़ जैसी सख्त कार्रवाई,अपराधियों की लिस्टिंग। नीतीश कुमार के सुशासन मॉडल को सम्राट चौधरी और मजबूत कर रहे हैं। सम्राट के इस तेवर से अपराधियों को संरक्षण देने वाली विपक्ष बेचैन है, इसलिए वह भ्रामक आंकड़े पेश कर रही है। लेकिन सम्राट चौधरी इन सबसे बिना विचलित हुए लगातार अपना काम कर रहे हैं।
-अब जगंलराज नहीं, ‘सुशासन राज’
बता दें कि राज्य के गृहमंत्री व उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के शासनकाल में बिहार में जंगलराज नहीं बल्कि सुशासन का राज स्थापित किया गया है। जिसमें हत्या में गिरावट: 2001 में 3,619 से घटकर 2025 में 2,556—सबसे कम स्तर, हत्या पर नियंत्रण: लगातार गिरावट से कानून-व्यवस्था में सुधार, डकैती में कमी: 2004 के 1,297 से घटकर 2025 में 174, डकैती में 80% गिरावट 25 वर्षों में बड़ी कमी, लूट में गिरावट: 2004 में 2,909 से घटकर 2025 में 1,558, लूट पर नियंत्रण घटनाओं में लगातार कमी, दंगों में कमी: 2014 के 13,566 से घटकर 2025 में 2,502, सांप्रदायिक शांति: दंगा मामलों में गिरावट से स्थिरता, कुल अपराध में कमी: प्रमुख अपराध घटने से नियंत्रण मजबूत, सुशासन का असर: सख्ती के सकारात्मक परिणाम स्पष्ट किया है।
अगले पांच सालों में एक करोड़ नौकरी व रोजगार का वादा
उपमुख्यमंत्री और गृहमंत्री के रूप में सम्राट चौधरी ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में प्रशासनिक सुधार, कानून-व्यवस्था और बुनियादी ढांचे पर जोर दिया। पेपर लीक रोकने के लिए SIT, ‘डायल 112’ को प्रभावी बनाना, पुलिस लाइनों में आवासीय स्कूल और थानों में जनता दरबार अनिवार्य करना—ये फैसले उनकी प्रतिबद्धता दिखाते हैं। श्री चौधरी बिहार में रोजगार और पर्यटन को नई दिशा दे रहे हैं। बिहार के युवाओं को पिछले पांच साल में 50 लाख रोजगार देने के अब उन्होंने ऐलान किया है कि बिहार से बाहर कोई बिहारी मजदूरी नहीं करने जाएगा। अगले पांच साल में सरकार एक करोड़ नौकरी-रोजगार देगी। इसके लिए बिहार को उद्योग हब बनाया जा रहा है। फोरलेन-सिक्सलेन सड़कें, एक्सप्रेस-वे, चार एयरपोर्ट चालू होने के बाद करीब 10 पर काम जारी है।
बेगूसराय का सिमरिया घाट वाराणसी की तर्ज पर विकसित किया जा रहा है, वैशाली में 72 एकड़ में बुद्ध सम्यक दर्शन संग्रहालय-सह-स्मृति स्तूप, मधुबनी हाट, कैमूर-भभुआ और गया के प्रमुख पर्यटन स्थलों का विकसित कर देश दुनिया के लोगों को बिहार बुलाने की सम्राट चौधरी तैयारी कर रहे हैं। उपमुख्यमंत्री के रूप में सम्राट चौधरी ने विकास, न्याय और सुशासन को प्राथमिकता देते हुए ‘विकसित बिहार’ के संकल्प को आगे बढ़ाया है। 2017 में पंचायती राज मंत्री के अनुभव के साथ, वे एनडीए सरकार में उपमुख्यमंत्री रहते हुए प्रदेश की प्रगति को गति दे रहे हैं और 2030 तक विकसित बिहार के लक्ष्य को साकार करने में अहम भूमिका निभा रहे हैं।







