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पश्चिम एशिया संकट सुलझाने में ईरान की 14 सूत्रीय योजना अहम

विदेश डेस्क, ऋषि राज

तेहरान: ईरानी संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बाघेर गालिबाफ ने कहा है कि पश्चिम एशिया में जारी तनाव और संघर्ष को समाप्त करने के लिए ईरान द्वारा प्रस्तावित 14 सूत्रीय शांति योजना का कोई व्यवहारिक विकल्प नहीं है। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में स्थायी शांति तभी संभव है, जब ईरानी जनता के अधिकारों को मान्यता दी जाए और सभी पक्ष सम्मानजनक समाधान की दिशा में आगे बढ़ें।

गालिबाफ ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर जारी संदेश में कहा कि ईरान की 14 सूत्रीय योजना न्याय, संप्रभुता और क्षेत्रीय संतुलन पर आधारित है। उनके अनुसार यह प्रस्ताव केवल युद्धविराम तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें राजनीतिक संवाद, मानवीय सहायता, आर्थिक सहयोग और क्षेत्रीय सुरक्षा ढांचे को मजबूत करने के उपाय भी शामिल हैं।

उन्होंने कहा कि यदि इस प्रस्ताव की अनदेखी की गई तो वर्तमान संकट और गहरा सकता है। गालिबाफ ने जोर देकर कहा कि किसी भी बाहरी दबाव या सैन्य समाधान से स्थिति सामान्य नहीं होगी। उनके अनुसार स्थायी शांति के लिए क्षेत्रीय देशों की भागीदारी और वास्तविक राजनीतिक इच्छाशक्ति आवश्यक है।

विश्लेषकों का मानना है कि ईरान इस योजना के माध्यम से स्वयं को क्षेत्रीय शांति प्रक्रिया में केंद्रीय भूमिका निभाने वाले देश के रूप में स्थापित करना चाहता है। पश्चिम एशिया में हालिया सैन्य तनाव, ऊर्जा आपूर्ति पर असर और बढ़ती कूटनीतिक सक्रियता के बीच यह बयान महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

ईरान की इस पहल पर विभिन्न देशों की प्रतिक्रिया पर नजरें टिकी हैं। यदि प्रस्ताव पर व्यापक समर्थन मिलता है, तो क्षेत्रीय संघर्ष कम करने की दिशा में नई कूटनीतिक प्रक्रिया शुरू हो सकती है।