Ad Image
Ad Image
असम में दुर्घटनाग्रस्त सुखोई 30 के दोनों पायलट शहीद: वायु सेना प्रवक्ता || JDU की बैठक में निशांत के नाम पर लग सकती है नीतीश कुमार की मुहर || आज शाम JDU की अहम बैठक: अटकलों पर लगेगा विराम, तस्वीर होगी साफ || नीतीश कुमार ने नामांकन के बाद आज शाम 5 बजे बुलाई JDU की बैठक || कांग्रेस ने राज्यसभा चुनाव के लिए सिंघवी समेत 6 उम्मीदवारों की घोषणा की || बिहार में सियासी तूफान तेज: नीतीश कुमार जाएंगे राज्यसभा || प. एशिया युद्ध संकट से शेयर बाजारों में भारी गिरावट जारी || समस्तीपुर: दो लाख के ईनामी जाली नोट कारोबारी को NIA ने किया गिरफ्तार || AIR इंडिया आज यूरोप, अमेरिका के लिए फिर से शुरू करेगी विमान सेवा || नागपुर: SBL एनर्जी विस्फोट में 18 की मौत, 24 से ज्यादा घायल

The argument in favor of using filler text goes something like this: If you use any real content in the Consulting Process anytime you reach.

  • img
  • img
  • img
  • img
  • img
  • img

Get In Touch

पश्चिम चंपारण अपहरण मामला: ट्रेन से मिला 6 वर्षीय आर्यन

स्टेट डेस्क, प्रीति पायल |

पश्चिम चंपारण अपहरण मामला: ट्रेन से मिला 6 वर्षीय आर्यन, अपराधी पकड़ा गया...

बिहार के पश्चिम चंपारण जिले में हुई अपहरण की घटना में पुलिस की त्वरित कार्रवाई से 6 वर्षीय बच्चे को महज 6 घंटों में सुरक्षित बरामद कर लिया गया। यह घटना 15 सितंबर को हुई और 16 सितंबर को इसकी जानकारी सामने आई। सोमवार दोपहर को यासपुर गांव निवासी 6 वर्षीय आर्यन कुमार (कहीं-कहीं आयन कुमार नाम से उल्लेखित) को लौरिया थाना क्षेत्र के एक निजी स्कूल के समीप से अज्ञात व्यक्ति ने अपहरण कर लिया। जब बच्चा स्कूल से घर नहीं पहुंचा तो उसके पिता अनुप कुमार श्रीवास्तव ने दोपहर 2-3 बजे लौरिया थाने में एफआईआर दर्ज कराई।


बेतिया एसपी शौर्य सुमन के निर्देशन में पुलिस ने तत्काल व्यापक अभियान चलाया। सीसीटीवी फुटेज की जांच, मोबाइल लोकेशन ट्रैकिंग और गुप्त सूचनाओं के आधार पर पता चला कि अपहरणकर्ता बच्चे को रेल मार्ग से गोरखपुर ले जा रहा था।

पुलिस टीमों ने अवध-असम एक्सप्रेस में पीली शर्ट पहने संदिग्ध व्यक्ति की तलाश की। ग्रामीण पुलिस (GRP) के सहयोग से और एसपी की पत्नी (जो रेलवे की वरिष्ठ अधिकारी हैं तथा उसी समय ट्रेन यात्रा पर थीं) की सहायता से अभियान तेज किया गया।

अपहरण की रिपोर्ट के मात्र छह घंटे बाद सोमवार शाम तक गोरखपुर रेलवे स्टेशन पर आर्यन को पूर्णतः सुरक्षित अवस्था में बरामद कर लिया गया। अपहरणकर्ता को ट्रेन से उतरते समय गिरफ्तार किया गया।

प्रारंभिक जांच से पता चला कि अपहरणकर्ता लौरिया क्षेत्र का ही निवासी है। पूछताछ में उसने स्वीकार किया कि वह बच्चे को गोरखपुर ले जाकर छिपाने की योजना बना रहा था। व्यक्तिगत शत्रुता या फिरौती की मांग इसके संभावित कारण हो सकते हैं।

इस मामले में पुलिस की सफलता के मुख्य कारण रहे - एसपी शौर्य सुमन का तुरंत निर्णय लेना, कई टीमों की गोरखपुर और सीमावर्ती इलाकों में तैनाती, सीसीटीवी निगरानी से अपराधी की पहचान, बिहार-उत्तर प्रदेश सीमा पर प्रभावी समन्वय और प्रधानमंत्री के बिहार दौरे के कारण पुलिस का पहले से अलर्ट होना।

बच्चे के पिता ने पुलिस के प्रति आभार व्यक्त किया और बताया कि आर्यन अब पूर्णतः स्वस्थ है। इस घटना से क्षेत्र में फैली दहशत पुलिस की तीव्र कार्रवाई से समाप्त हो गई। स्थानीय निवासियों ने स्कूलों के आसपास बेहतर सुरक्षा व्यवस्था की मांग की है।