लोकल डेस्क, नीतीश कुमार
मोतिहारी। कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय, भारत सरकार की एग्री स्टैक परियोजना के तहत पूर्वी चंपारण जिले में फार्मर रजिस्ट्री अभियान को दोबारा मिशन मोड में संचालित किया जा रहा है। इसी क्रम में जिलाधिकारी के निर्देश पर उप विकास आयुक्त (डीडीसी) डॉ. प्रदीप कुमार की अध्यक्षता में कृषि विभाग के पदाधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक आयोजित की गई।
बैठक में डीडीसी ने निर्देश दिया कि जिले में अधिक से अधिक किसानों की फार्मर आईडी तैयार की जाए और अभियान को तेज गति से चलाया जाए, ताकि कोई भी पात्र किसान फार्मर रजिस्ट्रेशन से वंचित न रहे। उन्होंने कहा कि फार्मर रजिस्ट्रेशन किसानों की डिजिटल पहचान बनेगा और इसी आधार पर उन्हें सरकार की विभिन्न योजनाओं का लाभ मिलेगा।
उन्होंने स्पष्ट किया कि इस कार्य में लापरवाही बरतने या कम उपलब्धि हासिल करने वाले कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। साथ ही सभी अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि वे अपने अधीनस्थ कर्मियों के साथ बैठक कर अभियान को तेजी से आगे बढ़ाना सुनिश्चित करें।
जिला कृषि पदाधिकारी ने बताया कि जिले में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के करीब 4.80 लाख लाभार्थी किसान हैं। इनमें से अब तक लगभग 1.62 लाख किसानों का फार्मर रजिस्ट्रेशन किया जा चुका है।
उन्होंने बताया कि कृषि एवं राजस्व विभाग के संयुक्त प्रयास से एग्री स्टैक परियोजना के अंतर्गत किसानों की फार्मर आईडी तैयार की जा रही है, जिसके आधार पर कृषि विभाग की योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराया जाएगा।
फार्मर आईडी निर्माण प्रक्रिया में पहले कृषि विभाग के कृषि सलाहकार, कृषि समन्वयक, सहायक तकनीकी प्रबंधक और प्रखंड तकनीकी प्रबंधक किसानों का ई-केवाईसी करते हैं। इसके बाद राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के अधिकृत कर्मियों द्वारा किसानों के नाम से जमाबंदी प्रविष्टि की जाती है, जिसके बाद फार्मर आईडी जारी होती है।
अधिकारियों ने बताया कि किसान स्वयं भी कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) और ऑनलाइन माध्यम से फार्मर रजिस्ट्री करा सकते हैं। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना से जुड़े और जिनके नाम से जमाबंदी उपलब्ध है, वे शिविरों में पहुंचकर आसानी से फार्मर आईडी प्राप्त कर सकते हैं। वहीं जिन किसानों के नाम पर जमाबंदी नहीं है, वे आवश्यक सुधार के बाद रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया पूरी करा सकते हैं।
जिला प्रशासन ने किसानों से समय पर फार्मर रजिस्ट्री कराने की अपील की है, ताकि वे कृषि विभाग की योजनाओं का लाभ ले सकें।
समीक्षा बैठक में उप विकास आयुक्त ने सभी किसान सलाहकारों और किसान समन्वयकों को निर्देश दिया कि प्रत्येक पंचायत में प्रतिदिन कम से कम 10 किसानों की फार्मर आईडी बनवाना सुनिश्चित करें। उन्होंने चेतावनी दी कि कार्य प्रगति कम पाए जाने पर संबंधित कर्मियों पर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
इसी क्रम में घोड़ासहन, मधुबन, तेतरिया और पिपराकोठी प्रखंड के प्रखंड कृषि पदाधिकारियों से स्पष्टीकरण मांगते हुए अगले आदेश तक उनके वेतन स्थगित करने का निर्देश भी दिया गया।







