विदेश डेस्क, आर्या कुमारी।
न्यूयॉर्क। अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने ईरान मुद्दे पर आलोचना करने को लेकर Pope Leo XIV पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने साफ कहा कि उन्हें ऐसा धर्मगुरु स्वीकार नहीं है जो उनकी नीतियों का विरोध करे।
दरअसल, पोप ने हाल ही में ईरान को लेकर अमेरिका के रुख की आलोचना की थी। उन्होंने खास तौर पर ईरानी नागरिकों के खिलाफ अमेरिकी धमकियों को अनुचित बताते हुए इसे अस्वीकार्य करार दिया था।
अप्रैल की शुरुआत में अमेरिकी रक्षा सचिव Pete Hegseth ने सैन्य कर्मियों के लिए प्रार्थना का आह्वान किया था। इसके बाद पोप ने अपने प्रवचन में कहा कि प्रभुत्व स्थापित करने की इच्छा ईसा मसीह की शिक्षाओं के अनुरूप नहीं है।
पोप की इस टिप्पणी पर प्रतिक्रिया देते हुए ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Truth Social पर तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि उन्हें ऐसा पोप नहीं चाहिए जो ईरान के परमाणु हथियार रखने को सही मानता हो।
ट्रंप ने आगे कहा कि उन्हें ऐसे धार्मिक नेता भी स्वीकार नहीं हैं जो अमेरिका की विदेश नीति की आलोचना करें, खासकर वेनेजुएला जैसे मुद्दों पर, जहां उनके अनुसार अमेरिका गंभीर सुरक्षा चुनौतियों का सामना कर रहा है।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि वेनेजुएला से अपराधी और नशीले पदार्थों के तस्कर अमेरिका भेजे जा रहे हैं, और ऐसे में अमेरिकी कार्रवाई को गलत ठहराना उचित नहीं है।
राष्ट्रपति ने अपने बयान में यह भी कहा कि उन्हें जनता ने भारी बहुमत से चुना है और वे वही कर रहे हैं जो देशहित में जरूरी है। साथ ही, उन्होंने यह विवादित टिप्पणी भी की कि अगर वह व्हाइट हाउस में नहीं होते, तो पोप भी वेटिकन में नहीं होते।







