प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को मिला इंडोनेशिया का सर्वोच्च नागरिक सम्मान 'बितांग आदिपूर्ण'
नेशनल डेस्क, श्रेया पाण्डेय
नई दिल्ली: भारत और इंडोनेशिया के ऐतिहासिक और रणनीतिक संबंधों में उस समय एक नया स्वर्णिम अध्याय जुड़ गया, जब इंडोनेशिया ने भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपने सर्वोच्च नागरिक सम्मान 'बितांग आदिपूर्ण' (Bintang Adipurna) से नवाजा। तीन देशों (इंडोनेशिया, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड) की अपनी आधिकारिक राजनयिक यात्रा के पहले चरण में जकार्ता पहुंचे प्रधानमंत्री मोदी का राष्ट्रपति भवन 'इस्ताना मेरदेका' में भव्य और औपचारिक स्वागत किया गया। इसके बाद इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो ने एक विशेष गरिमामयी समारोह में पीएम मोदी को इस प्रतिष्ठित पदक से अलंकृत किया। वर्ष 1959 में स्थापित यह सम्मान उन चुनिंदा वैश्विक हस्तियों को दिया जाता है जिन्होंने इंडोनेशिया की एकता, निरंतरता और समृद्धि में असाधारण योगदान दिया हो।
राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो के साथ आयोजित एक संयुक्त प्रेस वक्तव्य में इस सम्मान की घोषणा की गई। सम्मान ग्रहण करने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अत्यंत विनम्रतापूर्वक इंडोनेशियाई सरकार और वहां की जनता का आभार व्यक्त किया। पीएम मोदी ने कहा, "आज सुबह मुझे बहुत स्नेह और सम्मान के साथ इंडोनेशिया का सर्वोच्च नागरिक सम्मान दिया गया है। मैं इसे अत्यंत विनम्रता के साथ स्वीकार करता हूँ। यह सम्मान केवल मेरा नहीं, बल्कि भारत के कोटि-कोटि वासियों का है। यह इंडोनेशिया के लोगों की हमारे प्रति गहरी भावनाओं और दोनों देशों के बीच सदियों पुराने ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और आत्मीय संबंधों का प्रतीक है।" उन्होंने भारत-इंडोनेशिया की अटूट मित्रता को रेखांकित करते हुए इस सम्मान को दोनों देशों के नागरिकों के बीच आपसी जुड़ाव को समर्पित किया।
इस उच्च स्तरीय द्विपक्षीय बैठक के दौरान दोनों नेताओं के बीच व्यापार, सुरक्षा, रक्षा और समुद्री सहयोग को लेकर व्यापक चर्चा हुई। भारत की 'एक्ट ईस्ट पॉलिसी' और 'महासागर विजन' (MAHASAGAR Vision) के तहत इस यात्रा को बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है, जो हिंद-प्रशांत क्षेत्र में शांति, स्थिरता और समावेशी विकास को बढ़ावा देती है। इस ऐतिहासिक यात्रा के दौरान रक्षा क्षेत्र में एक बड़ी कामयाबी हासिल हुई, जिसके तहत भारत इंडोनेशिया को 'ब्रह्मोस' और 'अस्त्र' मिसाइलों की आपूर्ति करेगा। इसके साथ ही, दोनों देशों ने समुद्री सुरक्षा को मजबूत करने और महत्वपूर्ण खनिजों (क्रिटिकल मिनरल्स) की आपूर्ति श्रृंखला को सुदृढ़ करने पर भी सहमति जताई।
शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में भी इस यात्रा के दौरान अभूतपूर्व समझौते हुए। प्रधानमंत्री मोदी ने घोषणा की कि भारत का प्रतिष्ठित संस्थान 'आईआईएम बैंगलोर' (IIM Bangalore) इंडोनेशिया के पूर्वी जावा प्रांत में अपना पहला विदेशी कैंपस स्थापित करने जा रहा है, जिससे आसियान (ASEAN) क्षेत्र के युवाओं को वैश्विक स्तर की प्रबंधन शिक्षा मिल सकेगी। इसके अतिरिक्त दोनों देशों के केंद्रीय औषधि नियामकों के बीच स्वास्थ्य और चिकित्सा क्षेत्र में भी समझौता ज्ञापनों (MoUs) पर हस्ताक्षर किए गए। यह दौरा न केवल दोनों देशों के बीच व्यापारिक और सामरिक संबंधों को एक नई ऊंचाई पर ले गया है, बल्कि प्रधानमंत्री मोदी को मिला यह सर्वोच्च सम्मान अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत के बढ़ते कद और मजबूत कूटनीति का जीवंत प्रमाण है।







