स्टेट डेस्क, नीतीश कुमार।
बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव में भाजपा को बड़ा झटका लगा है। पार्टी के घोषित उम्मीदवार अभिषेक कुमार सिन्हा (बंटी) ने नाम वापस ले लिया। इसके बाद भाजपा को नया उम्मीदवार नीरज कुमार सिन्हा घोषित करना पड़ा।
जन सुराज प्रमुख प्रशांत किशोर ने इस घटना को भाजपा की साफ हार बताया। उन्होंने कहा कि यह साबित करता है कि कोई भी सीट किसी पार्टी या नेता की निजी जागीर नहीं है। जनता एकजुट हो तो सबसे बड़े नेता भी पसीने छूटने लगते हैं।
जनता की ताकत, BJP का अहंकार टूटा
प्रशांत किशोर ने तीखा हमला बोलते हुए कहा, “पहले बांकीपुर में दावा किया जाता था कि यहां कुत्ते-बिल्ली को भी खड़ा कर दें तो जनता वोट दे देगी। लेकिन अब जब जन सुराज मजबूत विकल्प बनकर सामने आया है, तो भाजपा उम्मीदवार बदलने को मजबूर हो गई है।”
PK का सबसे तीखा प्रहार:प्रशांत किशोर ने कहा, “पिछले सालों में हमने देखा कि ED, CBI और इनकम टैक्स के डर से दूसरे दलों के उम्मीदवार भागते थे या भाजपा उन्हें खरीद लेती थी। आज ऊपर वाले ने इंसाफ किया है कि भाजपा का अपना उम्मीदवार मैदान छोड़कर भाग गया।”
उन्होंने बिहार भाजपा के वरिष्ठ नेता सम्राट चौधरी पर भी निशाना साधा। प्रशांत किशोर ने कहा कि उनके आचरण और छवि को देखते हुए सम्राट जैसे व्यक्ति को मुख्यमंत्री नहीं बनाया जा सकता। बिहार को सक्षम, शिक्षित और ईमानदार मुख्यमंत्री की जरूरत है, न कि किसी खास समुदाय के चेहरे की।
अभिषेक सिन्हा का बयान
नामांकन वापस लेने के बाद अभिषेक कुमार सिन्हा ने मीडिया से बात की। उन्होंने स्पष्ट किया कि पारिवारिक कारणों से वह यह उपचुनाव नहीं लड़ पा रहे हैं। उन्होंने प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी को पत्र सौंप दिया है। अभिषेक ने केंद्रीय और राज्य नेतृत्व का आभार जताया और कहा कि आगे भी वह समर्पित कार्यकर्ता के रूप में सेवा करते रहेंगे।
विपक्ष का तंज
इस घटनाक्रम पर विपक्षी दलों ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। RJD नेता रोहिणी आचार्य ने सोशल मीडिया पर लिखा कि जो पार्टी अपना उम्मीदवार (दूल्हा) तय नहीं कर पा रही, वो बिहार की जनता का भला कैसे करेगी। बांकीपुर उपचुनाव अब और दिलचस्प हो गया है। भाजपा नीरज कुमार सिन्हा के साथ अपनी साख बचाने की कोशिश में है, जबकि जन सुराज इसे अपने लिए बड़ा अवसर मान रहा है।






