विदेश डेस्क- ऋषि राज |
ढाका: बांग्लादेश के 13वें संसदीय चुनाव के नतीजों ने देश की राजनीति में बड़ा बदलाव ला दिया है। ताजा परिणामों के अनुसार, बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) ने शानदार प्रदर्शन करते हुए स्पष्ट बहुमत हासिल कर लिया है और सरकार बनाने का रास्ता लगभग साफ हो गया है। शुरुआती रुझानों में BNP ने 151 सीटों पर बढ़त बनाई थी, जबकि बाद के नतीजों में पार्टी ने 213 सीटों पर जीत दर्ज कर अपनी मजबूत स्थिति सुनिश्चित कर ली।
बीएनपी अध्यक्ष तारिक रहमान ने ढाका-17 और बोगरा-6 दोनों सीटों से जीत हासिल की है। ढाका-17 सीट को हाई-प्रोफाइल सीट माना जाता है, जबकि बोगरा-6 सीट उनके परिवार की पारंपरिक राजनीतिक विरासत से जुड़ी रही है। पार्टी पहले ही घोषणा कर चुकी थी कि चुनाव जीतने की स्थिति में तारिक रहमान को प्रधानमंत्री पद के लिए आगे किया जाएगा। अब उन्होंने सरकार बनाने का दावा भी पेश कर दिया है।
इस चुनाव में जमात-ए-इस्लामी ने 68 सीटों पर जीत दर्ज की, जबकि अन्य दलों और निर्दलीय उम्मीदवारों को 12 सीटें मिलीं। चुनाव परिणामों के बाद देश में राजनीतिक हलचल तेज हो गई है और नई सरकार के गठन की प्रक्रिया शुरू होने की संभावना है।
भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी तारिक रहमान को चुनावी जीत पर बधाई दी है। उन्होंने अपने संदेश में कहा कि यह जीत बांग्लादेश की जनता के उनके नेतृत्व पर भरोसे को दर्शाती है। मोदी ने यह भी उम्मीद जताई कि भारत और बांग्लादेश के रिश्ते भविष्य में और मजबूत होंगे तथा दोनों देश विकास, व्यापार और क्षेत्रीय स्थिरता के मुद्दों पर मिलकर आगे बढ़ेंगे।
बांग्लादेश की संसद में कुल 350 सदस्य होते हैं, जिनमें 300 सदस्य सीधे जनता द्वारा चुने जाते हैं, जबकि 50 सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित होती हैं। यहां चुनाव फर्स्ट-पास्ट-द-पोस्ट प्रणाली के तहत होते हैं और संसद का कार्यकाल पांच वर्ष का होता है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि BNP की यह जीत बांग्लादेश की राजनीति में एक नए दौर की शुरुआत कर सकती है। अब सबकी नजर इस बात पर है कि नई सरकार देश की आर्थिक स्थिति, लोकतांत्रिक संस्थाओं और क्षेत्रीय संबंधों को किस दिशा में आगे बढ़ाती है।







