स्टेट डेस्क, एन के सिंह।
बिहार विधानसभा अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार ने दीप प्रज्वलित कर किया उद्घाटन; पटी जसौली की ऐतिहासिक धरती पर उमड़ा जन-सैलाब
पूर्वी चम्पारण: जिस माटी ने मोहनदास को 'महात्मा' बनाया और जिसने पूरी दुनिया को अहिंसा का सबसे अचूक शस्त्र 'सत्याग्रह' दिया, वह ऐतिहासिक धरती बुधवार को एक बार फिर गौरव और उत्सव के रंगों में सराबोर हो उठी। पूर्वी चंपारण के कल्याणपुर प्रखंड स्थित पटी जसौली में 'चंपारण सत्याग्रह महोत्सव' का शानदार आगाज हुआ। बिहार विधानसभा के अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार ने जिले के तमाम दिग्गजों और प्रशासनिक अधिकारियों की उपस्थिति में संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर इस तीन दिवसीय समागम का विधिवत उद्घाटन किया।
एकजुट दिखी सत्ता और प्रशासन की शक्ति
उद्घाटन सत्र में चंपारण की राजनीतिक और प्रशासनिक एकता की अनुपम तस्वीर देखने को मिली। मंच पर डॉ. प्रेम कुमार के साथ मोतिहारी विधायक प्रमोद कुमार, कल्याणपुर विधायक सचिंद्र प्रसाद सिंह, मधुबन विधायक राणा रणधीर सिंह, पिपरा विधायक श्याम बाबू प्रसाद यादव, चिरैया विधायक लाल बाबू प्रसाद गुप्ता और उप महापौर डॉ. लालबाबू प्रसाद गुप्ता जैसे दिग्गज नेता एक साथ नज़र आए। वहीं, प्रशासनिक मोर्चे पर जिलाधिकारी सौरभ जोरवाल, सदर एसडीओ निशांत सिहारा और भाजपा जिलाध्यक्ष पवन राज ने भी दीप जलाकर बापू की विरासत को नमन किया।
रंगोली में उतरी विरासत, स्टॉल्स पर दिखी प्रगति की झलक
महोत्सव का मुख्य आकर्षण स्कूली बच्चों द्वारा बनाई गई जीवंत रंगोलियाँ रहीं। बच्चों ने अपनी कला के माध्यम से गांधी जी के 'तीन बंदर', 'चरखा' और 'नीलहों के संघर्ष' की गाथा को ज़मीन पर उकेर दिया। विधानसभा अध्यक्ष ने बच्चों की इस रचनात्मकता की जमकर सराहना की और उनके साथ समय भी बिताया।
इसके पश्चात, अतिथियों ने विभिन्न सरकारी विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉल्स का बारीकी से निरीक्षण किया। इन स्टॉल्स के जरिए जिले में चल रहे विकास कार्यों, सरकारी योजनाओं और चंपारण की बदलती तस्वीर को बखूबी पेश किया गया।"चंपारण मात्र एक जिला नहीं, एक वैश्विक विचार है" बिहार विधानसभा अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार ने कहा कि"चंपारण की मिट्टी में वह चमत्कारिक शक्ति है जिसने इतिहास की दिशा बदल दी। यह महोत्सव केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि नई पीढ़ी को अपने पूर्वजों के संघर्ष और गौरवशाली इतिहास से जोड़ने का एक मजबूत सेतु है।" वही कार्यक्रम को संबोधित करते हुए भाजपा विधायक प्रमोद कुमार कुमार ने कहा कि "बापू द्वारा दिया गया सत्य और अहिंसा का मंत्र आज के दौर में भी उतना ही प्रासंगिक है। यह महोत्सव हमारी सांस्कृतिक चेतना का प्रतीक है।"वही कार्यक्रम को संबोधित करते हुए भाजपा विधायक राणा रणधीर सिंह ने कहा कि "आज का यह समागम चंपारण की समृद्ध विरासत और आधुनिक विकास के अद्भुत संगम को दर्शाता है।"
प्रशासनिक मुस्तैदी और जन-उत्साह का संगम
जिलाधिकारी सौरभ जोरवाल ने बताया कि जिला प्रशासन का मुख्य उद्देश्य इस महोत्सव के माध्यम से चंपारण की ऐतिहासिक महत्ता को वैश्विक पटल पर मजबूती से स्थापित करना है। सुरक्षा और सुचारू व्यवस्था बनाए रखने के लिए सदर एसडीओ निशांत सिहारा के नेतृत्व में पुलिस बल और वॉलिंटियर्स पूरी तरह मुस्तैद दिखे।
शाम ढलते ही पूरा महोत्सव परिसर दूधिया रोशनी से नहा उठा। स्थानीय कलाकारों की प्रस्तुतियों और हज़ारों की संख्या में उमड़े जन-समूह के उत्साह ने यह स्पष्ट कर दिया कि आज भी चंपारण की धड़कनों में बापू के आदर्श जीवित हैं।







