Ad Image
Ad Image
प. बंगाल के वरिष्ठ नेता मुकुल रॉय का निधन, किडनी की बीमारी से जूझ रहे थे रॉय || JNU में देर रात बवाल, दो छात्र गुटों के बीच चले लाठी डंडे || चुनाव आयोग ने SIR को लेकर 22 राज्यों को भेजा पत्र || PM मोदी ने कहा: AI मानवता की भलाई के लिए, इसे बड़े अवसर में बदलना जरूरी || किरन रिजिजू ने कहा, भारत में अल्पसंख्यक पूरी तरह सुरक्षित || उप मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने AI इंडिया इंपैक्ट समिट का किया उद्घाटन || तारिक रहमान बनें बांग्लादेश के नए PM, स्पीकर ओम बिरला ने की मुलाकात || जेनेवा में अमेरिका और ईरान के बीच दूसरे दौर की सकारात्मक वार्ता संपन्न || यंग माइंड्स ऑनलाइन लेक्चर सीरीज का दूसरा व्याख्यान आज, फिल्में सितारे करेंगे शिरकत || भारत और फ्रांस मिलकर बनायेंगे अत्याधुनिक हेलीकॉप्टर, बनी सहमति

The argument in favor of using filler text goes something like this: If you use any real content in the Consulting Process anytime you reach.

  • img
  • img
  • img
  • img
  • img
  • img

Get In Touch

बिटकॉइन में भारी गिरावट, 40 प्रतिशत क्रैश

विदेश डेस्क, ऋषि राज|

बिटकॉइन में भारी गिरावट, 40 प्रतिशत क्रैश से निवेशक परेशान

दुनिया की सबसे बड़ी क्रिप्टोकरेंसी बिटकॉइन इन दिनों भारी गिरावट के दौर से गुजर रही है। हाल के महीनों में इसके दाम में करीब 40 प्रतिशत तक की गिरावट दर्ज की गई है, जिससे निवेशकों में चिंता का माहौल बन गया है। क्रिप्टो बाजार में जारी इस गिरावट का असर केवल बिटकॉइन तक सीमित नहीं है, बल्कि अन्य प्रमुख डिजिटल मुद्राएं भी दबाव में हैं।

विशेषज्ञों के अनुसार, वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता, निवेशकों की सतर्कता और सख्त नियामकीय नीतियों की आशंका जैसे कई कारण इस गिरावट के पीछे बताए जा रहे हैं। कई बड़े निवेशकों ने जोखिम कम करने के उद्देश्य से क्रिप्टो से दूरी बनानी शुरू कर दी है, जिससे बाजार में खरीदारी कमजोर पड़ गई है। इसका सीधा असर कीमतों पर दिख रहा है।

क्रिप्टो विश्लेषकों का कहना है कि पहले बिटकॉइन को भविष्य की डिजिटल मुद्रा के रूप में देखा जा रहा था, लेकिन हालिया उतार-चढ़ाव ने निवेशकों के भरोसे को कुछ हद तक कमजोर किया है। खासकर नए निवेशक अब ज्यादा सतर्क नजर आ रहे हैं। कई लोगों ने नुकसान से बचने के लिए अपने निवेश को रोक दिया है या वैकल्पिक क्षेत्रों की ओर रुख किया है।

हालांकि कुछ विशेषज्ञ इसे बाजार का सामान्य उतार-चढ़ाव मानते हैं। उनका कहना है कि क्रिप्टोकरेंसी बाजार पहले भी ऐसी गिरावट देख चुका है और समय के साथ इसमें सुधार संभव है। उनका मानना है कि तकनीकी विकास, संस्थागत निवेश और बेहतर नियमों के बाद बाजार फिर स्थिर हो सकता है।

फिलहाल निवेशकों को सलाह दी जा रही है कि वे सोच-समझकर निवेश करें, जोखिम का सही आकलन करें और केवल अफवाहों के आधार पर फैसले न लें। क्रिप्टो बाजार अभी भी अस्थिर माना जाता है, इसलिए दीर्घकालिक रणनीति और सावधानी जरूरी है।

कुल मिलाकर, बिटकॉइन की मौजूदा गिरावट ने डिजिटल निवेश बाजार को झटका जरूर दिया है, लेकिन आने वाले समय में इसकी दिशा वैश्विक आर्थिक हालात, निवेशकों के भरोसे और नीतिगत फैसलों पर निर्भर करेगी।