Ad Image
Ad Image
असम में दुर्घटनाग्रस्त सुखोई 30 के दोनों पायलट शहीद: वायु सेना प्रवक्ता || JDU की बैठक में निशांत के नाम पर लग सकती है नीतीश कुमार की मुहर || आज शाम JDU की अहम बैठक: अटकलों पर लगेगा विराम, तस्वीर होगी साफ || नीतीश कुमार ने नामांकन के बाद आज शाम 5 बजे बुलाई JDU की बैठक || कांग्रेस ने राज्यसभा चुनाव के लिए सिंघवी समेत 6 उम्मीदवारों की घोषणा की || बिहार में सियासी तूफान तेज: नीतीश कुमार जाएंगे राज्यसभा || प. एशिया युद्ध संकट से शेयर बाजारों में भारी गिरावट जारी || समस्तीपुर: दो लाख के ईनामी जाली नोट कारोबारी को NIA ने किया गिरफ्तार || AIR इंडिया आज यूरोप, अमेरिका के लिए फिर से शुरू करेगी विमान सेवा || नागपुर: SBL एनर्जी विस्फोट में 18 की मौत, 24 से ज्यादा घायल

The argument in favor of using filler text goes something like this: If you use any real content in the Consulting Process anytime you reach.

  • img
  • img
  • img
  • img
  • img
  • img

Get In Touch

बिहार के नए राज्यपाल बने सैयद अता हसनैन

स्टेट डेस्क, आर्या कुमारी।

पटना। केंद्र सरकार ने देश के कई राज्यों में राज्यपालों और उपराज्यपालों के पदों पर बड़ा प्रशासनिक फेरबदल करते हुए बिहार के लिए नए राज्यपाल की नियुक्ति की है। इस बदलाव के तहत वर्तमान राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान की जगह सेवानिवृत्त लेफ्टिनेंट जनरल सैयद अता हसनैन को बिहार का नया राज्यपाल नियुक्त किया गया है।

सैयद अता हसनैन भारतीय सेना के वरिष्ठ और अनुभवी अधिकारियों में शामिल रहे हैं। उन्होंने सेना में लंबे समय तक सेवा देते हुए कई महत्वपूर्ण पदों पर जिम्मेदारियां संभालीं और सैन्य रणनीति व सुरक्षा मामलों में अपनी अहम भूमिका निभाई।
सेना से सेवानिवृत्ति के बाद भी वे सार्वजनिक जीवन और शैक्षणिक गतिविधियों से जुड़े रहे। वर्ष 2018 में उन्हें केंद्रीय विश्वविद्यालय कश्मीर का कुलाधिपति नियुक्त किया गया था, जहां उन्होंने विश्वविद्यालय के शैक्षणिक और संस्थागत विकास में योगदान दिया।

उनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि भी काफी मजबूत मानी जाती है। उन्होंने दिल्ली के सेंट स्टीफंस कॉलेज से शिक्षा प्राप्त की और बाद में ब्रिटेन के किंग्स कॉलेज लंदन से भी उच्च अध्ययन किया। राष्ट्रीय सुरक्षा और रणनीतिक अध्ययन के क्षेत्र में उनकी गहरी समझ मानी जाती है।

केंद्र सरकार द्वारा किए गए इस फेरबदल में केवल बिहार ही नहीं, बल्कि अन्य कई राज्यों के राज्यपालों के पदों पर भी बदलाव किए गए हैं। इस क्रम में हिमाचल प्रदेश, तेलंगाना, महाराष्ट्र, नागालैंड, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल और केरल में भी नई नियुक्तियां की गई हैं।

इसके साथ ही केंद्र शासित प्रदेशों में भी बदलाव किया गया है। सरकार ने लद्दाख और दिल्ली के उपराज्यपालों को बदलते हुए नए अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी है। इस व्यापक फेरबदल को प्रशासनिक स्तर पर महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।