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बिहार के 1 करोड़ घरों तक पहुंचा संघ

स्टेट डेस्क, आकाश अस्थाना ।

पटना, बिहार में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ अपने शताब्दी वर्ष में 1 करोड़ घरों तक पहुंच गया है। इस बार व्यापक गृह संपर्क कार्यक्रम में संघ के स्वयंसेवकों ने 84 लाख घरों में संघ साहित्य और पत्रक देकर संवाद और संपर्क स्थापित किया गया। बिहार के शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में आयोजित हिंदू सम्मेलन में अब तक 10 लाख 41 हजार 324 नागरिक उपस्थित हो चुके हैं। हिंदू सम्मेलन का कार्यक्रम अभी जारी है। यह जानकारी राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के उत्तर-पूर्व क्षेत्र (बिहार-झारखंड) के क्षेत्र कार्यवाह डॉ. मोहन सिंह तथा दक्षिण बिहार प्रांत के संघचालक राजकुमार सिन्हा ने विश्व संवाद केंद्र में आयोजित पत्रकार वार्ता में दी।

उन्होंने समालखा (हरियाणा) में 13 से 15 मार्च तक आयोजित अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा के बैठक की जानकारी देते हुए कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की शाखाओं में निरंतर विस्तार हो रहा है। देश में 55,683 स्थान पर 88,949 शाखाएं लग रही है। इस प्रकार गत एक वर्ष में 3943 नए स्थान जुड़े और शाखाओं की संख्या में 5820 की वृद्धि हुई है। अगर बिहार की बात की जाए तो उत्तर बिहार और दक्षिण बिहार में गत वर्ष 2308 दैनिक शाखाएं लगती थी। इस वर्ष उनकी संख्या बढ़कर 2575 हो गई है। इसी प्रकार साप्ताहिक मिलन की संख्या भी 850 से बढ़कर 1,076 तथा संघ मंडली की संख्या 272 से बढ़कर 356 हो गई है। इस प्रकार संघ का प्रत्यक्ष कार्य बिहार में 4 हजार 7 हो गया है। 

 राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की स्थापना का यह शताब्दी वर्ष मनाया जा रहा है। शताब्दी वर्ष कार्यक्रमों का प्रारंभ 2 अक्टूबर, 2025 को नागपुर में हुआ। संघ शताब्दी वर्ष में दो प्रकार के कार्यक्रमों की योजना की गई थी; जिनमें एक संगठन विस्तार और दूसरा समाज की सज्जन शक्ति को सद्भाव व समरसता के लिए संगठित करने का उद्देश्य रखा गया। इस दृष्टि से व्यापक गृह संपर्क अभियान तथा हिन्दू सम्मेलन अभी पूरे देश में चल रहा है। प्राप्त जानकारी के अनुसार 10 करोड़ घरों तथा 3 लाख 90 हजार गांवो तक संपर्क किया जा चुका है। इसी प्रकार देश भर में अभी तक 36,000 से अधिक स्थानों पर हिंदू सम्मेलनों का आयोजन हो चुका है।

इसमें शहरी, ग्रामीण और दुर्गम जनजातीय क्षेत्र सहित सभी प्रकार के स्थान सम्मिलित हैं। समाज हित के लिए सज्जन शक्ति को संगठित करने की दृष्टि से प्रमुख नागरिक संगोष्ठियां भी आयोजित की गई। इसी प्रकार सामाजिक नेतृत्व करने वाले लोगों की सामाजिक सद्भाव बैठक भी आयोजित की जा रही है| दक्षिण बिहार के अपेक्षित 329 स्थानों में से 317 स्थानों पर यह बैठक आयोजित की जा चुकी है| इन कार्यक्रमों के माध्यम से समाज के भीतर पंच परिवर्तन के व्यापक लक्ष्य के लिए वातावरण बन रहा है। पंच परिवर्तन में सामाजिक समरसता, पर्यावरण संरक्षण चेतना, स्व एवं स्वदेशी के लिए गर्व, परिवार व्यवस्था के संरक्षण तथा नागरिक कर्तव्यों के लिए जागरुकता को सम्मिलित किया गया है। इन परिवर्तनों के माध्यम से ही देश और समाज को महान बनाया जा सकता है। इन कार्यक्रमों में सामान्य लोगों ने मतान्तरण और ड्रग्स नियंत्रण की चर्चा की|

आगामी कार्यक्रमों की जानकारी देते हुए क्षेत्र कार्यवाह एवं प्रांत संघचालक ने बताया कि युवाओं को राष्ट्रीय विचार से जोड़ने के लिए व्यापक पैमाने पर युवाओं के कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। समाज के विभिन्न क्षेत्रों में विमर्श स्थापित करने के लिए प्रमुख जनों की गोष्ठी भी आयोजित की जाएगी। संघ कार्य को गति देने के लिए तथा विभिन्न आयु वर्ग के लोगों को संघ से प्रत्यक्ष जोड़ने के लिए संघ व्यापक अभियान चलाएगा। इसमें तरुण, बाल और प्रौढ़ों की अलग-अलग शाखाएं अधिक स्थानों पर लगे; इसकी भी कार्य योजना बनाई जा रही है।
उन्होंने कहा कि जाति पंथ के भेद से ऊपर उठकर महापुरुषों का सम्मान एवं अनुकरण करने के लिए संघ के स्वयंसेवकों ने कई कार्यक्रम किए। इस दिशा में नवें गुरु गुरु तेग बहादुर जी के बलिदान के 350वें वर्ष पर देशभर में 2000 से अधिक कार्यक्रम किए गए, जिनमें 7 लाख से अधिक लोग सम्मिलित हुए। इसी प्रकार राष्ट्रगीत वंदे मातरम की 150वीं  वर्षगांठ भी उत्साहपूर्वक मनाई गई। उन्होंने कहा कि आगामी वर्ष में संत शिरोमणि रविदास जी महाराज के 650वें प्राकट्य वर्ष पर कार्यक्रमों की योजना बनी है। वर्त्तमान समय में जब विभाजनकारी शक्तियां समाज को वर्ग और जाति के आधार पर विभाजित करने का प्रयास कर रही हैं, तब संत रविदास जी के जीवन संदेश के मर्म को समझते हुए समाज की एकात्मता के लिए कार्य करने का संकल्प लेना आवश्यक है| 

प्रतिनिधि सभा की बैठक में बांग्लादेश की सरकार से अपेक्षा व्यक्त की गई कि वहां की नई सरकार हिन्दू हितों एवं मानवाधिकार की रक्षा करेगी| सभा ने इस बात पर हर्ष व्यक्त किया कि माओवादी हिंसा पर बहुत नियंत्रण हुआ है| मणिपुर में नई सरकार बनने से वहां शांति स्थापित हुई है| चट्टग्राम पर्वत शृंखला से सटा हुआ कारबुक विकास खंड जनजाति बहुल है| गत वर्ष वहां 8 स्थानों पर रथ यात्रा का आयोजन हुआ| वहां 25000 जनसंख्या में 8000 लोग एकत्रित हुए| यह हिन्दू संस्कृति के बढ़ते आवेग को दर्शाता है|

पत्रकार वार्ता में दक्षिण बिहार प्रांत के प्रचार प्रमुख अभिषेक कुमार एवं सह प्रचार प्रमुख निखिल रंजन भी उपस्थित रहें |

                                                                                                                                                                 भवदीय 
                                                                                                                                                               अभिषेक कुमार                                                             

प्रान्त प्रचार प्रमुख,दक्षिण बिहार                                                                                                                                  

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