स्टेट डेस्क, आर्या कुमारी।
पटना। बिहार विद्यालय परीक्षा समिति (बीएसईबी) ने इंटरमीडिएट वार्षिक परीक्षा 2026 की तैयारियां पूरी कर ली हैं। बोर्ड अध्यक्ष आनंद किशोर के अनुसार, राज्यभर के 1762 परीक्षा केंद्रों पर कुल 13,17,846 परीक्षार्थी परीक्षा में शामिल होंगे। इंटर की परीक्षा 2 से 13 फरवरी 2026 तक दो पालियों में आयोजित की जाएगी। परीक्षा को कदाचारमुक्त और पारदर्शी बनाने के लिए सख्त दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं।
बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि परीक्षा शुरू होने से आधा घंटा पहले परीक्षा केंद्र का मुख्य द्वार बंद कर दिया जाएगा। परीक्षार्थियों को सलाह दी गई है कि वे परीक्षा से कम से कम एक घंटा पहले केंद्र पर पहुंचें। देर से पहुंचने वालों को किसी भी स्थिति में प्रवेश नहीं दिया जाएगा। पहली पाली की परीक्षा सुबह 9:30 बजे और दूसरी पाली की परीक्षा दोपहर 2:00 बजे से होगी।
यदि कोई परीक्षार्थी जबरन या अवैध तरीके से परीक्षा केंद्र में प्रवेश करने का प्रयास करता है, तो इसे आपराधिक कृत्य माना जाएगा। ऐसे मामलों में संबंधित परीक्षार्थी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही अवैध प्रवेश में सहयोग करने वाले केंद्राधीक्षक या अन्य कर्मियों पर भी सख्त कार्रवाई की जाएगी।
परीक्षा के सफल संचालन के लिए सभी जिलों के डीएम और एसएसपी/एसपी को आवश्यक निर्देश दिए गए हैं। शिक्षा विभाग द्वारा नोडल पदाधिकारी नियुक्त किए गए हैं। सूचनाओं के त्वरित आदान-प्रदान के लिए 1 फरवरी सुबह 6 बजे से 13 फरवरी शाम 6 बजे तक 24 घंटे सक्रिय रहने वाला कंट्रोल रूम बनाया गया है। इसके लिए फोन नंबर 0612-2232257 और 0612-2232227 जारी किए गए हैं, साथ ही विशेष व्हाट्सएप ग्रुप भी बनाए गए हैं।
बोर्ड अध्यक्ष आनंद किशोर ने कहा कि राज्य सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति के तहत परीक्षा में किसी भी तरह की गड़बड़ी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मुख्य गेट बंद होने के बाद दीवार फांदकर या जबरन प्रवेश करने की कोशिश करने पर इसे ‘क्रिमिनल ट्रेसपास’ माना जाएगा। ऐसे परीक्षार्थियों को दो वर्ष के लिए बीएसईबी की सभी परीक्षाओं से निष्कासित किया जाएगा और प्राथमिकी दर्ज होगी। परीक्षा की शुचिता बनाए रखने के लिए डिजिटल निगरानी, सीसीटीवी, दो स्तर की तलाशी और अन्य सुरक्षा व्यवस्था लागू की गई है।







