स्टेट डेस्क, आकाश अस्थाना ।
ज्ञान भारतम मिशन में एक हजार सर्वे पूरा का बिहार देश में शीर्ष बना, देश भर में हुए कुल 5500 सर्वे
पटना : ज्ञान भारतम मिशन के तहत देश भर में हो रहे राष्ट्रीय पाण्डुलिपि सर्वे में बिहार नंबर एक स्थान पर पहुंच गया है। देश भर में हुए कुल 5500 सर्वे में से बिहार अकेले एक हजार सर्वे कार्य पूरा कर यह स्थान हासिल किया है।
मंगलवार को कला संस्कृति विभाग के मंत्री डॉ प्रमोद कुमार ने इस उपलब्धि की जानकारी देते हुए कहा कि अपने पौराणिक व ऐतिहासिक सांस्कृतिक धरोहरों के कारण बिहार की अनूठी पहचान स्थापित है। केन्द्र सरकार का यह पांडुलिपि सर्वे का काम भारत की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक पहचान को और भी मजबूत करेगा। केन्द्र सरकार के ज्ञान भारतम मिशन के तहत बिहार सरकार ने सबसे पहले पाण्डुलिपियों के सर्वेक्षण को ध्यान में रखते हुए 1950 के दशक में स्थापित दो ऐतिहासिक संस्थाओं काशी प्रसाद जायसवाल रिसर्च इस्टीट्यूट एवं वैशाली में स्थित प्राकृत जैन शोध संस्थान को कला एवं संस्कृति विभाग के अंतर्गत लाने के लिए मंत्रिपरिषद की स्वीकृति प्राप्त की थी।
इसके बाद मुख्य सचिव की अध्यक्षता में पदाधिकारियों और विशेषज्ञों की राज्य स्तरीय समिति का गठन किया है। साथ ही राज्य के सभी 38 जिलों में जिला पदाधिकारी के नेतृत्व में जिला स्तरीय समिति का गठन किया जा चुका है। इन प्रयासों के कारण ही सभी 38 जिलों में पंचायत एवं प्रखंड स्थर तक सर्वे का काम पूरा किया जा चुका है। सर्वे का कार्य 16 मार्च 2026 से शुरू हुआ है जो कि 15 जून, 2026 को पूरा होगा। देश में अब तक 85 लाख जबकि बिहार में 8 लाख से अधिक पांडुलिपियों की पहचान की गई है। पांडुलिपियों की पहचान में बिहार देश में 5वें स्थान पर है। बिहार से आगे राजस्थान, गुजरात, उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश है। लेकिन सर्वे की संख्या में बिहार 1000 सर्वे के साथ देश में पहले स्थान पर है।
चिन्हित दुर्लभ पाण्डुलिपियां
1. महाबोधि मंदिर में वर्ष 1956 में दलाई लामा द्वारा लाई गई 101 पाण्डुलिपियां
2. नवादा, कटिहार एवं सारण जिले में प्राप्त गुरु ग्रंथ साहिब की अत्यंत प्राचीन हस्तलिखित प्रति
3. नवादा के राधा रमण मंदिर में दुर्लभ पाण्डुलिपि
4. बेतिया से मिले राजकुमार शुक्ल की डायरी, जिसमें चंपारण में गांधीजी के आंदोलन का विस्तार से जिक्र प्राप्त हैं।
5. अमर शहीद खुदीराम बोस को फांसी पर चढाये जाने संबंधी आदेश
6. बिहारशरीफ से प्राप्त अमीर खुसरो की पांडुलिपि
7. राजगीर के मायोजी मंदिर में जापानी भाषा में बौद्ध धर्म से जुड़ी पाण्डुलिपियां
8. औरंगाबाद में 1200 वर्ष पुरानी अरबी भाषा में कुरान शरीफ की प्रति
9. औरंगाबाद में जहांगीर के समय की 450 वर्ष पुरानी 1181 पृष्ठों की पुस्तक तुरफातुल फुकहा
10. भागलपुर के चंपानगर दिगंबर जैन मंदिर से प्राप्त आचार्य जिनसेन द्वारा रचित 9वीं सदी की पुस्तक भगवान आदिनाथ पुराण






