स्टेट डेस्क, आर्या कुमारी।
पटना, बिहार में वाहनों पर जातिसूचक शब्द, नारे या संबंधित स्टीकर लगाने वालों के खिलाफ परिवहन विभाग ने सख्त रुख अपनाया है। विभाग ने स्पष्ट निर्देश जारी करते हुए कहा है कि ऐसे मामलों में विशेष अभियान चलाकर कार्रवाई की जाएगी और नियम तोड़ने वालों से दो हजार रुपये तक जुर्माना वसूला जाएगा।
परिवहन विभाग ने सभी वाहन मालिकों को एक महीने के भीतर अपनी गाड़ियों से जातिसूचक शब्द और स्टीकर हटाने का निर्देश दिया है। विभाग का कहना है कि तय समय सीमा खत्म होने के बाद ट्रैफिक पुलिस राज्यभर में विशेष जांच अभियान चलाएगी और उल्लंघन करने वालों पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
विभाग के अनुसार मोटर वाहन अधिनियम, 1988 की धारा 177 और 179 के तहत कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि वे नियमों का पालन करें ताकि अनावश्यक कानूनी परेशानी और जुर्माने से बचा जा सके।
इधर, राज्य में आधुनिक यातायात निगरानी व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में भी तैयारी तेज कर दी गई है। परिवहन विभाग ने करीब 700 स्थानों पर लगाए जाने वाले एआई कैमरों से लैस इंटेलिजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (आईटीएमएस) के लिए नए स्थलों के चयन की प्रक्रिया शुरू करने का निर्देश जिला परिवहन पदाधिकारियों को दिया है।
राज्य परिवहन आयुक्त ने अधिकारियों से कहा है कि पहले से चिन्हित जगहों के अलावा अन्य संभावित स्थलों की भी पहचान की जाए। इसके लिए ट्रैफिक पुलिस की विशेषज्ञता और स्थानीय यातायात स्थिति का भी सहारा लिया जाएगा, ताकि ज्यादा प्रभावी निगरानी व्यवस्था तैयार की जा सके।
विभाग ने बताया कि नए कैमरे यातायात घनत्व, दुर्घटना संभावित क्षेत्रों और नियम उल्लंघन की घटनाओं को ध्यान में रखकर लगाए जाएंगे। इससे सड़क सुरक्षा को मजबूत करने के साथ-साथ ट्रैफिक नियम तोड़ने वालों पर कड़ी निगरानी रखी जा सकेगी।
नई तकनीक से लैस इस प्रणाली में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित कैमरों के साथ फेसियल रिकग्निशन और सर्विलांस फीचर भी शामिल होंगे। इसके जरिए बार-बार नियम तोड़ने वाले वाहन चालकों की पहचान आसान होगी, वहीं अपराधियों की निगरानी में भी मदद मिलेगी। विभाग की योजना इस सिस्टम को राष्ट्रीय राजमार्गों, राज्यीय राजमार्गों, प्रमुख शहरों और टोल प्लाजा पर लागू करने की है।







