स्टेट डेस्क, आकाश अस्थाना ।
चार वर्षों में 18 लाख से अधिक महिलाओं को मातृ वंदना योजना का लाभ
योजना के तहत पहली संतान होने पर 5 हजार एवं दुसरे शिशु के कन्या होने पर 6 हजार रुपये की राशि
पटना, राज्य में गर्भवती और धात्री महिलाओं के लिए केंद्र सरकार की प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना एक महत्वपूर्ण कड़ी साबित हो रही है। इस योजना के तहत 4 वर्षों में 18 लाख 15 हजार 680 महिलाओं को लाभ दिया गया है। वित्तीय वर्ष 2022-23 में 6 लाख 36 हजार 688 महिलाओं को डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (डीबीटी) के माध्यम से राशि प्रदान की गई। 2023-24 में 1 लाख 45 हजार 832 लाभार्थी, 2024-25 में 7 लाख 18 हजार 670 और 2025-26 में 3 लाख 14 हजार 510 लाभार्थियों को योजना का लाभ दिया गया है।
समाज कल्याण विभाग से मिली जानकारी के अनुसार, राज्य में 22 लाख 69 हजार 594 लाख महिलाओं का नामांकन हुआ है। इनमें 18 लाख 15 हजार 680 लाभार्थियों को डीबीटी के माध्यम से राशि प्रदान की गई है। बाकि बचे लाभार्थियों को जल्द लाभ पहुंचाने के लिए विभाग कार्रवाई कर रहा है।
संजीवनी बनी मातृ वंदना योजना
मिशन शक्ति के अंतर्गत जनवरी 2017 से लागू इस योजना ने राज्य में महिलाओं के स्वास्थ्य, पोषण और आर्थिक सुरक्षा को मजबूत किया है। योजना का मुख्य उद्देश्य गर्भावस्था के दौरान मजदूरी हानि की आंशिक भरपाई करना, समय पर प्रसव पूर्व जांच, संस्थागत प्रसव और शिशु टीकाकरण को प्रोत्साहित करना है। साथ ही बालिकाओं के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित करना है।
योजना के लाभ और राशि विवरण
योजना के तहत पहली संतान होने पर (पहली बार जीवित बच्चे के जन्म पर) पात्र महिलाओं को कुल 5 हजार रुपये की सहायता राशि दो किस्तों में प्रदान की जाती है।
• पहली किस्त: 3 हजार गर्भावस्था पंजीकरण और कम से कम एक प्रसव पूर्व जांच के बाद।
• दूसरी किस्त: 2 हजार नवजात शिशु के जन्म पंजीकरण और 14 सप्ताह तक के टीकाकरण पूरा होने के बाद।
दूसरी संतान के मामले में, यदि बच्चा कन्या है, तो 6 हजार रुपये की एकमुश्त राशि जन्म और आवश्यक टीकाकरण के बाद दी जाती है।







