स्टेट डेस्क, आर्या कुमारी।
पटना, बिहार में एलपीजी गैस की उपलब्धता को लेकर उठ रही आशंकाओं पर राज्य सरकार ने साफ किया है कि कहीं भी गैस की कमी नहीं है और लोगों से अनावश्यक घबराहट में बुकिंग न करने की अपील की गई है।
गुरुवार को मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत की अध्यक्षता में हुई उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में सभी जिलों की स्थिति का विस्तृत आकलन किया गया। इस दौरान तेल कंपनियों को आपूर्ति व्यवस्था बनाए रखने के लिए मिशन मोड में काम करने के निर्देश दिए गए। बैठक में जिलों के प्रभारी सचिवों और तेल कंपनियों के प्रतिनिधियों ने भी भाग लिया।
समीक्षा में यह जानकारी सामने आई कि सरकार के निर्देश पर 31 मार्च और 1 अप्रैल को अधिकारियों ने विभिन्न जिलों का दौरा किया, जहां एलपीजी की पर्याप्त उपलब्धता पाई गई। हालांकि, कुछ क्षेत्रों में उपभोक्ताओं द्वारा पैनिक बुकिंग किए जाने के कारण अस्थायी बैकलॉग की स्थिति बनी है।
मुख्य सचिव ने स्पष्ट किया कि इस स्थिति से घबराने की जरूरत नहीं है और आपूर्ति व्यवस्था को तेजी से सामान्य किया जा रहा है। उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि डिलीवरी से संबंधित शिकायतों का तुरंत समाधान किया जाए, क्योंकि कुछ उपभोक्ताओं को बिना सिलिंडर प्राप्त हुए ही डिलीवरी का मैसेज मिलने की समस्या सामने आई है।
बैठक में ई-केवाईसी से जुड़ी दिक्कतों पर भी चर्चा हुई, जिस पर मुख्य सचिव ने संबंधित अधिकारियों को तत्काल समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही पीएनजी आपूर्ति की भी समीक्षा करते हुए तेल कंपनियों को बेहतर समन्वय के साथ काम करने को कहा गया।
इसके अलावा, पेट्रोल और डीजल की आपूर्ति भी पूरी तरह सामान्य बताई गई। मुख्य सचिव ने उर्वरकों की उपलब्धता को लेकर भी जिलाधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि जमाखोरी और कालाबाजारी के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जाए।
उन्होंने चेतावनी दी कि किसी भी प्रकार की अनियमितता पाए जाने पर संबंधित लोगों के खिलाफ अनिवार्य रूप से प्राथमिकी दर्ज की जाए। बैठक में यह भी बताया गया कि सभी जिलों में कंट्रोल रूम सक्रिय हैं, जो शिकायतों के त्वरित समाधान के लिए लगातार कार्य कर रहे हैं।







