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बिहार सरकार की रोजगार नीति का परिणाम, वेतन मद में 13 गुना वृद्धि

स्टेट डेस्क, आकाश अस्थाना

20 वर्षों में सरकारी वेतन बजट 13 गुना बढ़ा, कर्मियों की संख्या 9.5 लाख के पार, रोजगार में भी बढ़ोतरी*

- वित्तीय वर्ष 2005-06 में वेतन मद में खर्च होती थी सिर्फ 5152 करोड़ की राशि, मौजूदा वित्तीय वर्ष में यह पहुंच गई 70 हजार 220 करोड़ रुपये
- पिछले 20 वर्षों में सरकारी कर्मियों को दिए जाने वाला वेतन के आकार में हुई 13 गुणा की बढ़ोतरी
- वर्तमान में राज्य सरकार में तैनात सभी तरह के कर्मियों की संख्या बढ़कर हो गई है करीब 9 लाख 50 हजार

पटना, राज्य में अभी मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में गठित सरकार 10 लाख सरकारी नौकरी के साथ ही एक करोड़ से अधिक रोजगार देने के लक्ष्य से कहीं आगे की कवायद जारी है। विभिन्न स्तर की सरकारी नौकरी लगातार उपलब्ध कराने को लेकर अलग–अलग महकमों के स्तर पर भी निरंतर प्रयास जारी है। इसी का नतीजा है कि पिछले 20 वर्षों में सिर्फ वेतन मद में सरकार के बजट में 13 गुणा से अधिक की बढ़ोतरी हुई है। हाल में विधानमंडल सत्र में पेश हुए आगामी वित्तीय वर्ष 2026–27 के बजट में इससे संबंधित आंकड़ा प्रस्तुत किया गया है।
 

20 वर्ष में 13 गुणा बढ़ा वेतन आकार*
वित्तीय वर्ष 2005–06 में प्रस्तुत किए जाने वाले राज्य के बजट में वेतन मद में महज 5 हजार 152 करोड़ रुपए का प्रावधान हुआ करता था। वहीं, वित्तीय वर्ष 2025–26 में वेतन मद का आकार बढ़कर 51 हजार 690 करोड़ रुपए हो गया और 2026–27 में यह 70 हजार 220 करोड़ रुपए तक पहुंच गया। राज्य में अब तक का वेतन मद में यह सबसे बड़ा बजट आकर है। इसी तरह पेंशन मद की राशि में भी लगातार बढ़ोतरी हुई है। वर्तमान बजट में यह 35 हजार 170 करोड़ रुपए तक पहुंच गया है, जो वेतन मद की आधी राशि है। जबकि, वित्तीय वर्ष 2005–06 में पेंशन मद का बजट आकार महज 2 हजार 456 करोड़ रुपए हुआ करता था। वेतन मद की तरह ही इसमें भी बड़ी बढ़ोतरी दर्ज की गई है।

वेतन मद के साथ बढ़ी सरकारी कर्मियों की संख्या भी

वेतन मद में लगातार बढ़ते बजट आकर से यह स्पष्ट हो गया है कि सरकारी नौकरियों में लोगों को काफी अवसर मिलते जा रहे हैं। सरकारी महकमों खासकर शिक्षा, पुलिस, स्वास्थ्य जैसे अन्य में बड़ी संख्या में अलग–अलग पदों पर लगातार बहाली की जा रही है। इसी का नतीजा है कि वर्तमान में सरकारी कर्मियों की संख्या बढ़कर करीब 9 लाख 50 हजार हो गई है। 20 वर्ष पहले तक इनकी संख्या 3 से साढ़े 3 लाख तक ही हुआ करती थी। इसमें तीन गुणा से अधिक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। सिर्फ पिछले दो वर्षों में शिक्षक, सिपाही समेत अन्य को मिलाकर 2 लाख से अधिक कर्मियों की बहाली की गई है। यह अपने आप में बड़ी उपलब्धि है।