Ad Image
Ad Image
अमेरिकी और ईरान के बीच प्रारंभिक समझौता, 60 दिन का सीजफायर लागू || अमेरिकी सेंट्रल कमान की घोषणा, ईरान की नाकेबंदी समाप्त || ईरान - अमेरिका में टकराव चरम पर, नए हमलों से सीजफायर पर लग सकता ब्रेक || जापान: तूफान जोंगमी ने मचाई तबाही, 60 हजार से अधिक घरों में बिजली गुल || जयराम रमेश ने लिखा पत्र, ग्रेट निकोबार परियोजना पर पुनर्विचार की अपील || नई दिल्ली के मालवीय नगर स्थित रेस्टोरेंट में आग से 20 की मौत, दर्जनों घायल || ट्रंप ने कहा, खाड़ी देशों की अपील पर ईरान पर हमले बंद किए गए || अदाणी समूह को अमेरिका से क्लीनचिट, आपराधिक मामलों में राहत || राहुल गांधी ने कहा, देश में बड़ा आर्थिक संकट आने वाला, आम आदमी होगा परेशान || भारत और नार्वे के बीच कुल 9 समझौतों पर हस्ताक्षर, बेहतर सहयोग की पहल: मोदी

The argument in favor of using filler text goes something like this: If you use any real content in the Consulting Process anytime you reach.

  • img
  • img
  • img
  • img
  • img
  • img

Get In Touch

भागलपुर पुलिस की तत्परता से बची 2 जिंदगियां

स्टेट डेस्क, आर्या कुमारी।

भागलपुर। जिले में डायल 112 में तैनात सब इंस्पेक्टर की सूझबूझ और मानवीय संवेदनशीलता से एक मां और उसके छह महीने के बच्चे की जान बच गई। ड्यूटी से लौटते समय उन्होंने समय रहते हस्तक्षेप कर महिला को खतरनाक कदम उठाने से रोक लिया।

नवगछिया डायल 112 में पदस्थापित सब इंस्पेक्टर सिकंदर कुमार रात्रि ड्यूटी पूरी कर निजी आवास की ओर जा रहे थे। इसी दौरान उनकी नजर एक महिला पर पड़ी, जो गोद में शिशु लिए संकट की स्थिति में थी। हालात की गंभीरता भांपते ही उन्होंने तुरंत कदम उठाया और महिला को सुरक्षित कर लिया।

इसके बाद सब इंस्पेक्टर ने पूरी शांति और संवेदनशीलता के साथ महिला को समझाया और भरोसा दिलाया कि हर समस्या का समाधान संभव है। महिला और बच्चे को सुरक्षित रूप से बरारी टीओपी थाना के हवाले किया गया।

पुलिस की प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, महिला पारिवारिक विवाद और मानसिक तनाव से जूझ रही थी, जिस कारण वह यह कदम उठाने की स्थिति में पहुंच गई थी। बच्चे को अकेला छोड़ पाने की हिम्मत न होने के कारण वह उसे साथ लेकर निकली थी।

पुलिस ने महिला के लिए काउंसलिंग और आवश्यक परामर्श की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इस मानवीय पहल के लिए सब इंस्पेक्टर सिकंदर कुमार की स्थानीय लोगों और पुलिस अधिकारियों द्वारा व्यापक सराहना की जा रही है। समय पर लिया गया उनका निर्णय दो जिंदगियों के लिए जीवनदान साबित हुआ।