नेशनल डेस्क, ऋषि राज
नई दिल्ली:भारत और ऑस्ट्रेलिया ने अपनी व्यापक सामरिक साझेदारी को और मजबूत करते हुए समुद्री क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने की प्रतिबद्धता दोहराई है। दोनों देशों के बीच शुक्रवार को नई दिल्ली में 10वीं रक्षा नीति वार्ता आयोजित की गई, जिसमें हिंद-प्रशांत क्षेत्र की सुरक्षा, समुद्री सहयोग, रक्षा प्रशिक्षण और रणनीतिक समन्वय जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत चर्चा हुई।
रक्षा मंत्रालय के अनुसार, वार्ता में भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व रक्षा मंत्रालय में संयुक्त सचिव अमिताभ प्रसाद ने किया, जबकि ऑस्ट्रेलियाई पक्ष का नेतृत्व अंतरराष्ट्रीय नीति के प्रथम सहायक सचिव बर्नार्ड फिलिप ने किया। दोनों पक्षों ने इस बात पर सहमति जताई कि बदलते वैश्विक और क्षेत्रीय परिदृश्य में भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच रक्षा सहयोग को और गहराई देना समय की आवश्यकता है।
बैठक के दौरान समुद्री सुरक्षा, संयुक्त सैन्य अभ्यास, रक्षा उद्योग सहयोग, तकनीकी साझेदारी और क्षेत्रीय स्थिरता को बढ़ावा देने पर विशेष जोर दिया गया। हिंद-प्रशांत क्षेत्र में शांति, कानून आधारित व्यवस्था और सुरक्षित समुद्री मार्गों को बनाए रखने के लिए दोनों देशों ने साझा दृष्टिकोण पर बल दिया।
दोनों पक्षों ने हाल के वर्षों में बढ़े रक्षा सहयोग की समीक्षा की और संयुक्त अभ्यासों, उच्चस्तरीय आदान-प्रदान तथा क्षमता निर्माण कार्यक्रमों की सराहना की। उन्होंने रक्षा उद्योगों के बीच सहयोग बढ़ाने तथा नई तकनीकों के क्षेत्र में साझेदारी को प्रोत्साहित करने पर भी चर्चा की।
भारत और ऑस्ट्रेलिया के संबंध पिछले कुछ वर्षों में तेजी से मजबूत हुए हैं। दोनों देश क्वाड समूह के सदस्य हैं और क्षेत्रीय सुरक्षा, आर्थिक सहयोग तथा मुक्त एवं समावेशी हिंद-प्रशांत के समर्थन में मिलकर कार्य कर रहे हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस वार्ता से दोनों देशों के बीच सामरिक विश्वास और मजबूत होगा तथा समुद्री सुरक्षा के क्षेत्र में सहयोग को नई दिशा मिलेगी। रक्षा मंत्रालय ने कहा कि यह संवाद भविष्य में और व्यापक रक्षा सहयोग की नींव रखेगा।







