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भारत-नेपाल बॉर्डर पर साइबर-हवाला गिरोह का भंडाफोड़, 70 लाख से अधिक नकदी बरामद

स्टेट डेस्क, मुस्कान कुमारी।

मोतिहारी। पूर्वी चंपारण जिले के घोड़ासहन में पुलिस ने भारत-नेपाल सीमा से सटे इलाके में सक्रिय एक बड़े साइबर-आर्थिक अपराध नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है। 1 मई को छापेमारी के दौरान 56.71 लाख भारतीय रुपये और 13.67 लाख नेपाली करेंसी समेत कुल 70.38 लाख से अधिक की नकदी बरामद की गई और पांच संदिग्धों को हिरासत में लिया गया।

पुलिस की टीम ने घोड़ासहन बाजार और सीमा के आसपास के कई ठिकानों पर एक साथ छापा मारा। बरामद मुद्रा के अलावा कुछ दस्तावेज और डिजिटल उपकरण भी जब्त किए गए हैं। प्रारंभिक जांच में पता चला है कि गिरोह नेपाल के विभिन्न बैंक खातों का इस्तेमाल कर हवाला के जरिए पैसे की आवाजाही करता था और साइबर धोखाधड़ी से प्राप्त रकम को इस रास्ते से सफेद करने की कोशिश करता था।

सीमा पर सक्रिय नेटवर्क की पोल खुली

पूर्वी चंपारण के पुलिस उपाधीक्षक (साइबर क्राइम) की अगुवाई वाली टीम को गुप्त सूचना मिली थी कि घोड़ासहन बाजार के आसपास कुछ लोग अवैध रूप से बड़ी मात्रा में भारतीय और नेपाली मुद्रा का आदान-प्रदान कर रहे हैं। यह लेन-देन मुख्य रूप से नेपाल स्थित खातों से जुड़ा था।  

छापेमारी के दौरान पुलिस ने चार अलग-अलग स्थानों पर सर्च ऑपरेशन चलाया। सबसे ज्यादा नकदी घोड़ासहन बाजार के एक व्यावसायिक परिसर से बरामद हुई। पांचों संदिग्धों को मौके पर ही हिरासत में लिया गया। उनसे पूछताछ में प्रारंभिक जानकारी मिली है कि यह नेटवर्क केवल स्थानीय स्तर तक सीमित नहीं था बल्कि इसमें बड़े पैमाने पर साइबर फ्रॉड से प्राप्त धन का लेन-देन शामिल हो सकता है।

₹50 करोड़ से अधिक के लेन-देन hai का अंदेशा

जांच अधिकारियों के अनुसार, गिरोह का कुल कारोबार 50 करोड़ रुपये से ज्यादा का हो सकता है। नेपाल के खातों के जरिए हवाले का इस्तेमाल कर वे साइबर धोखाधड़ी की कमाई को भारत में लाते या यहां से बाहर भेजते थे। पुलिस का दावा है कि यह नेटवर्क सीमा क्षेत्र की भौगोलिक स्थिति का फायदा उठाते हुए लंबे समय से सक्रिय था।

संदिग्धों की पहचान अभी तक आधिकारिक रूप से सार्वजनिक नहीं की गई है। पुलिस आगे की पूछताछ में मुख्य सरगना और नेपाल में इसके संपर्कों की पहचान करने की कोशिश कर रही है। मामले में आईटी एक्ट, फॉरेन एक्सचेंज मैनेजमेंट एक्ट और अन्य संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है।

जांच तेज, सीमा सुरक्षा पर भी फोकस
 
मोतिहारी पुलिस ने इस कार्रवाई को साइबर क्राइम और आर्थिक अपराध दोनों के खिलाफ बड़ी सफलता बताया है। वरिष्ठ अधिकारियों का कहना है कि सीमा क्षेत्र में ऐसे नेटवर्क अक्सर साइबर ठगी, ऑनलाइन फ्रॉड और हवाले की गतिविधियों को आपस में जोड़कर काम करते हैं।  

अभी तक बरामद नकदी की गिनती और सत्यापन पूरा हो चुका है। डिजिटल फॉरेंसिक टीम भी जब्त उपकरणों की जांच में जुटी हुई है। पुलिस ने इलाके में अतिरिक्त चौकसी बढ़ा दी है और नेपाल की सुरक्षा एजेंसियों से भी समन्वय की बात कही है।

यह छापेमारी ऐसे समय में हुई है जब बिहार पुलिस सीमा क्षेत्रों में साइबर अपराध और अवैध मनी ट्रांसफर पर लगातार नजर रखे हुए है। आगे की जांच में गिरोह के अन्य सदस्यों और बड़े स्तर के कनेक्शन सामने आने की संभावना है।