विदेश डेस्क, एन के सिंह।
- साइबर थाना की टीम ने दबोचा। भारत नेपाल सीमा से सटे क्षेत्र में विदेशी घुसपैठियों के लिए बनाए जा रहे हैं फर्जी आधार कार्ड।
पूर्वी चंपारण: सुरक्षा एजेंसियों और जिला पुलिस की पैनी नजर के बावजूद सीमावर्ती इलाकों में फर्जीवाड़े का खेल बदस्तूर जारी है। ताजा मामले में, पुलिस अधीक्षक स्वर्ण प्रभात के कुशल निर्देशन में जिला पुलिस को एक और बड़ी सफलता हाथ लगी है। साइबर थाना की टीम ने अंतरराष्ट्रीय सीमा से सटे इलाकों में सक्रिय उस गिरोह को बेनकाब किया है, जो विदेशी घुसपैठियों को भारतीय पहचान दिलाने के लिए फर्जी आधार कार्ड और जन्म प्रमाण पत्र का 'कारखाना' चला रहा था।
- बड़ा नेटवर्क ध्वस्त: रक्सौल बॉर्डर से अब तक एक दर्जन विदेशियों की गिरफ्तारी के बाद पुलिस का घुसपैठियों के खिलाफ महा-अभियान।
- फर्जीवाड़े का केंद्र: पचपकड़ी के बसहीं भंडार में निजी आवास से चल रहा था जालसाजी का काला खेल।
- बरामदगी: 02 लैपटॉप, 03 सिलिकॉन अंगूठा, आई-स्कैनर और भारी मात्रा में फर्जी दस्तावेज बरामद।
- गिरफ्तारी: गिरोह का मुख्य सदस्य चंदन कुमार गिरफ्तार, 04 अन्य के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज।
सुरक्षा चक्र को भेदने की साजिश नाकाम; सीमा पर चौकसी और पुलिस का प्रहार
इंडो-नेपाल बॉर्डर पर लगातार हो रही विदेशी घुसपैठियों की गिरफ्तारी ने पुलिस को अलर्ट मोड पर डाल दिया था। एसपी स्वर्ण प्रभात के नेतृत्व में चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत, पुलिस को सूचना मिली कि सीमावर्ती क्षेत्रों के ग्रामीण अंचलों में कुछ लोग विदेशी घुसपैठियों को भारतीय नागरिकता के फर्जी दस्तावेज मुहैया करा रहे हैं।
गुप्त सूचना पर 'सर्जिकल स्ट्राइक'
मंगलवार को साइबर थाना अध्यक्ष सह पुलिस उपाधीक्षक अभिनव पाराशर के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया। टीम को इनपुट मिला था कि पचपकड़ी थाना क्षेत्र के बसहीं भंडार स्थित एक निजी मकान में फर्जी आधार कार्ड और जन्म प्रमाण पत्र बनाने का अवैध केंद्र चल रहा है। पुलिस ने जब वहां छापेमारी की, तो मौके पर अफरा-तफरी मच गई। पुलिस को देख 05 आरोपी भागने लगे, जिनमें से घेराबंदी कर एक युवक चंदन कुमार (पिता- सर्वनाथ प्रसाद, सा०- बनकटवा) को धर दबोचा गया।
सिलिकॉन अंगूठा और आधुनिक उपकरणों का खेल
तलाशी के दौरान मौके से जो सामान मिला, उसने पुलिस के भी होश उड़ा दिए। वहां से 03 सिलिकॉन अंगूठा बरामद हुए हैं, जिनका इस्तेमाल आधार प्रमाणीकरण और बायोमेट्रिक डेटा के साथ छेड़छाड़ करने के लिए किया जाता था। इसके अलावा आधार बनाने वाला आई-स्कैनर, वेब कैमरा और भारी संख्या में फर्जी जन्म प्रमाण पत्र व आधार अपडेट रसीदें मिली हैं।
सरकारी योजनाओं में सेंधमारी
पूछताछ में खुलासा हुआ कि यह गिरोह न केवल घुसपैठियों की मदद कर रहा था, बल्कि स्थानीय लोगों के दस्तावेजों में हेराफेरी कर उन्हें फर्जी तरीके से वृद्धा पेंशन और आवास योजना जैसी सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाकर राजस्व को भी चूना लगा रहा था।
कानूनी कार्रवाई
इस मामले में पकड़े गए चंदन कुमार और फरार 04 अन्य अभियुक्तों के विरुद्ध मोतिहारी साइबर थाना कांड संख्या- 54/26 दर्ज की गई है। इन पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं और आईटी एक्ट के तहत कठोर कार्रवाई की जा रही हैं। छापेमारी अभियान में पुलिस उपाधीक्षक सह साइबर थाना अध्यक्ष अभिनव पाराशर, पु०अ०नि० सौरभ कुमार आजाद, पु०अ०नि० शिवम कुमार सिंह,सिपाही राकेश कुमार यादव, आनंद कुमार भारती एवं नीरज कुमार सीमावर्ती जिला होने के कारण पूर्वी चंपारण में इस तरह के गिरोह का पकड़ा जाना राष्ट्रीय सुरक्षा के दृष्टिकोण से पुलिस की एक बहुत बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है।







