Ad Image
Ad Image
ट्रंप ने कहा, खाड़ी देशों की अपील पर ईरान पर हमले बंद किए गए || अदाणी समूह को अमेरिका से क्लीनचिट, आपराधिक मामलों में राहत || राहुल गांधी ने कहा, देश में बड़ा आर्थिक संकट आने वाला, आम आदमी होगा परेशान || भारत और नार्वे के बीच कुल 9 समझौतों पर हस्ताक्षर, बेहतर सहयोग की पहल: मोदी || अहमदाबाद - मुंबई हाईवे पर दर्दनाक सड़क हादसा, 12 की मौत 25 से ज्यादा घायल || राष्ट्रपति ट्रंप का दावा: समझौते के लिए ईरान बेताब, ईरान का इनकार || Delhi - NCR में सीएनजी फिर महंगा, तीन दिन में तीसरी बार कीमत वृद्धि || PM मोदी का नीदरलैंड दौरा, द्विपक्षीय रिश्ते की बेहतरी पर बल दिया || लन्दन: ब्रिटिश PM कीर स्टारमर दे सकते है इस्तीफा, स्थानीय चुनावों में पार्टी की हार का असर || युद्ध समाप्ति पर ईरान के साथ सकारात्मक बातचीत हुई: राष्ट्रपति ट्रंप

The argument in favor of using filler text goes something like this: If you use any real content in the Consulting Process anytime you reach.

  • img
  • img
  • img
  • img
  • img
  • img

Get In Touch

भारत-मलेशिया रक्षा, डिजिटल तकनीक और सुरक्षा सहयोग बढ़ाने पर सहमति

विदेश डेस्क, ऋषि राज |

कुआलालंपुर: भारत और मलेशिया के बीच द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने की दिशा में एक अहम पहल सामने आई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मलेशिया यात्रा के दौरान दोनों देशों ने रक्षा, सुरक्षा, सेमीकंडक्टर, डिजिटल तकनीक और समुद्री सुरक्षा जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर सहमति जताई है। इस बैठक को हिंद-प्रशांत क्षेत्र में शांति, स्थिरता और विकास के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

प्रधानमंत्री मोदी ने अपने मलेशियाई समकक्ष के साथ हुई वार्ता के बाद कहा कि दोनों देश आतंकवाद के खिलाफ सख्त रुख अपनाने और खुफिया सूचनाओं के आदान-प्रदान को मजबूत करने पर सहमत हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि आतंकवाद पर किसी प्रकार का समझौता स्वीकार्य नहीं होगा और इसके खिलाफ साझा प्रयास जारी रहेंगे। दोनों देशों ने समुद्री सुरक्षा को मजबूत करने तथा क्षेत्रीय स्थिरता बनाए रखने के लिए सहयोग बढ़ाने का भी निर्णय लिया।

वार्ता के दौरान कृत्रिम बुद्धिमत्ता, डिजिटल तकनीक और सेमीकंडक्टर उद्योग में साझेदारी बढ़ाने पर भी जोर दिया गया। विशेषज्ञों का मानना है कि इन क्षेत्रों में सहयोग से दोनों देशों की आर्थिक प्रगति को गति मिलेगी और तकनीकी नवाचार को बढ़ावा मिलेगा। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि हिंद-प्रशांत क्षेत्र तेजी से वैश्विक विकास का प्रमुख केंद्र बन रहा है और इसमें भारत-मलेशिया सहयोग की अहम भूमिका होगी।

प्रधानमंत्री ने मलेशिया में भारतीय कामगारों के हितों की सुरक्षा के लिए सामाजिक सुरक्षा समझौते को महत्वपूर्ण बताया। साथ ही पर्यटन और व्यापार को बढ़ावा देने के लिए ग्रेटर ई-वीजा सुविधा और डिजिटल भुगतान प्रणाली यूपीआई के विस्तार को भी दोनों देशों के रिश्तों में सकारात्मक कदम बताया गया।

संयुक्त बयान में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत और मलेशिया के संबंध ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और आर्थिक आधार पर बेहद मजबूत हैं। उन्होंने दोनों देशों को समुद्री पड़ोसी बताते हुए कहा कि सदियों से लोगों के बीच आपसी संपर्क और सहयोग बना रहा है। मलेशिया में भारतीय मूल के लोगों की बड़ी आबादी भी दोनों देशों के रिश्तों को और गहरा बनाती है।

विशेषज्ञों का मानना है कि यह सहयोग न केवल द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करेगा, बल्कि पूरे हिंद-प्रशांत क्षेत्र में शांति, स्थिरता और आर्थिक विकास को भी नई दिशा देगा।