नेशनल डेस्क,श्रेयांश पराशर l
नई दिल्ली। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा है कि भारत एक जिम्मेदार परमाणु शक्ति है और वह अपनी ‘नो फर्स्ट यूज’ नीति पर पूरी मजबूती से कायम है। हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि देश किसी भी प्रकार के परमाणु ब्लैकमेल या दबाव को स्वीकार नहीं करेगा। दक्षिण कोरिया के सोल में आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राजनाथ सिंह ने कहा कि भारत की वैश्विक छवि में पिछले कुछ वर्षों में बड़ा बदलाव आया है और अब दुनिया भारत को केवल ‘सॉफ्ट पावर’ नहीं, बल्कि समस्याओं का समाधान देने वाली ताकत के रूप में देख रही है।
उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि पहले दुनिया भारत को सीमित भूमिका वाले देश के रूप में देखती थी, लेकिन आज भारत अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर निर्णायक भूमिका निभाने की क्षमता रखता है। रक्षा मंत्री ने सोशल मीडिया पर अपने भाषण के अंश साझा करते हुए कहा कि भारत शांति और स्थिरता का समर्थक है, लेकिन राष्ट्रीय सुरक्षा के साथ किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा।
राजनाथ सिंह ने कहा कि वैश्विक तनाव और विभिन्न देशों के बीच बढ़ते संघर्षों के दौर में परमाणु हथियारों को लेकर चिंताएं बढ़ी हैं। ऐसे समय में भारत का जिम्मेदार रवैया पूरी दुनिया के लिए एक सकारात्मक संदेश है। उन्होंने दोहराया कि भारत की नीति रक्षात्मक है, आक्रामक नहीं। साथ ही उन्होंने कहा कि मोदी सरकार के कार्यकाल में रक्षा क्षेत्र में बड़े बदलाव हुए हैं और अब देश की रणनीति ‘रिएक्टिव’ नहीं बल्कि ‘प्रोएक्टिव’ हो गई है।
रक्षा मंत्री ने स्वदेशी रक्षा निर्माण और आत्मनिर्भर भारत अभियान का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि पिछले वर्षों में हुए सुधारों ने देश के आत्मविश्वास को मजबूत किया है और भारत तेजी से विकसित राष्ट्र बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।







