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भारत की सैन्य शक्ति देख चकित चंपारणवासी: DRDO की प्रदर्शनी में जनसैलाब

नेशनल डेस्क, एन के सिंह।

न्यायिक जगत की हस्तियों ने किया अवलोकन; जिला एवं सत्र न्यायाधीश सहित कई जज पहुंचे महात्मा गांधी प्रेक्षागृह।

पूर्वी चंपारण:  ऐतिहासिक धरती पर इन दिनों विज्ञान और शौर्य का अनूठा संगम देखने को मिल रहा है। महात्मा गांधी प्रेक्षागृह के प्रांगण में रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) द्वारा आयोजित चार दिवसीय मेगा रक्षा प्रदर्शनी के दूसरे दिन भारी उत्साह देखा गया। इस दौरान न केवल आम जनता और छात्र, बल्कि जिले के आला अधिकारियों और न्यायिक पदाधिकारियों ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराकर वैज्ञानिकों का उत्साहवर्धन किया।

न्यायिक और प्रशासनिक अमले ने बारीकी से परखी स्वदेशी तकनीक

प्रदर्शनी के दूसरे दिन आज मोतिहारी सिविल कोर्ट के माननीय जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने अपनी टीम के साथ शिरकत की। उनके साथ अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश, फैमिली कोर्ट के न्यायाधीश और जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव भी मौजूद रहे। जिलाधिकारी सौरभ जोरवाल और पुलिस अधीक्षक स्वर्ण प्रभात ने भी प्रदर्शनी का कोना-कोना देखा।
अधिकारियों ने डीआरडीओ के वैज्ञानिकों से एक-एक रक्षा उपकरण, मिसाइल मॉडल और रडार प्रणाली की कार्यप्रणाली पर लंबी चर्चा की। वैज्ञानिकों ने भी बहुत ही सरल भाषा में बताया कि कैसे ये उपकरण भारतीय सीमाओं की रक्षा कर रहे हैं।

"युवाओं के लिए राष्ट्र सेवा का प्रवेश द्वार"

अवलोकन के पश्चात माननीय न्यायाधीश गण ने डीआरडीओ के इस प्रयास की मुक्त कंठ से प्रशंसा की। उन्होंने कहा "यह प्रदर्शनी केवल उपकरणों का प्रदर्शन नहीं, बल्कि देश की बढ़ती आत्मनिर्भरता का प्रतीक है। विशेषकर हमारी युवा पीढ़ी के लिए यह बेहद प्रेरणादायक है। इसे देखकर निश्चित रूप से चंपारण के युवाओं में वैज्ञानिक बनने और राष्ट्र निर्माण में योगदान देने का जज्बा पैदा होगा।"

छात्रों के सवालों और वैज्ञानिकों के जवाबों से गूंजा परिसर

प्रदर्शनी में आज का दिन छात्रों के नाम रहा। जिले के विभिन्न स्कूलों और कॉलेजों के हजारों छात्र अपनी जिज्ञासा लेकर पहुंचे थे। कोई मिसाइल की मारक क्षमता के बारे में पूछ रहा था, तो कोई यह जानना चाहता था कि डीआरडीओ में करियर कैसे बनाया जाए। प्रदर्शनी में रखे गए टैंकों के मॉडल और अत्याधुनिक ड्रोन तकनीक को देखकर बच्चों के चेहरे गर्व से चमक उठे।

18 अप्रैल तक चलेगा ज्ञान का यह महाकुंभ

आम जनता ने भी इस आयोजन को 'ज्ञानपरक और आश्चर्यजनक' बताया। लोगों का कहना था कि उन्होंने कभी सोचा भी नहीं था कि मोतिहारी में उन्हें उन हथियारों को करीब से देखने का मौका मिलेगा, जो अब तक केवल टीवी पर परेड के दौरान नजर आते थे।
बता दें कि यह भव्य प्रदर्शनी 18 अप्रैल तक चलेगी। आयोजकों ने जिलेवासियों से अपील की है कि वे अधिक से अधिक संख्या में आकर भारतीय रक्षा विज्ञान की इस प्रगति के साक्षी बनें।