स्टेट डेस्क, एन. के. सिंह।
पुलिस सिस्टम होगा दुरुस्त और अपराधियों पर नकेल। जी.पी शाखा के अभिलेखों और सरकारी संपत्तियों के रख-रखाव के लिए जारी हुआ नया अनुशासन चार्टर।
पटना: बिहार पुलिस मुख्यालय, सरदार पटेल भवन में आयोजित एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक के दौरान पुलिस महानिदेशक विनय कुमार ने दो टूक शब्दों में विभाग की भावी रणनीति स्पष्ट कर दी है। डीजीपी ने पुलिसिंग को 'सिस्टम' और 'सड़क' दोनों मोर्चों पर अत्याधुनिक और पारदर्शी बनाने का एक 'पावरफुल' रोडमैप जारी किया। उन्होंने साफ कर दिया है कि पुलिस की ताकत सिर्फ वर्दी में नहीं, बल्कि उसकी ईमानदारी और संसाधनों के बेहतर प्रबंधन में झलकनी चाहिए।
संसाधनों की बर्बादी पर 'रेड सिग्नल'
बैठक में जिलों की जी.पी. शाखा की समीक्षा करते हुए डीजीपी ने सरकारी संपत्तियों के रख-रखाव को लेकर कड़ा रुख अख्तियार किया। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिया कि सरकारी भवन, वाहन और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जनता की अमानत हैं, जिनका रखरखाव अब प्राथमिकता होगी। पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए उन्होंने वाहन-ईंधन (Fuel) के मासिक प्रतिवेदन को समय पर जमा करना अनिवार्य कर दिया है। डीजीपी ने चेतावनी दी कि संसाधनों के दुरुपयोग या लापरवाही को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
अपराध और भ्रष्टाचार पर 'डबल अटैक'
बिहार पुलिस अब दोहरे मोर्चे पर जंग लड़ रही है। एक तरफ जहां अपराधियों के विरुद्ध चलाए जा रहे विशेष अभियानों से माफियाओं की कमर टूट रही है, वहीं दूसरी तरफ पुलिस महकमे के भीतर मौजूद 'काली भेड़ों' पर भी गाज गिरनी शुरू हो गई है। डीजीपी ने 'जीरो टॉलरेंस' की नीति दोहराते हुए कहा कि भ्रष्टाचार में संलिप्त पुलिस पदाधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई जारी है। उन्होंने कहा कि विभाग की साख तभी ऊँची होगी जब पुलिस के भीतर की सफाई निरंतर होती रहेगी।
बदल रहा है पुलिसिंग का चेहरा, जनता का विश्वास ही सर्वोपरि
बैठक के दौरान डीजीपी विनय कुमार ने एक प्रेरक संदेश देते हुए कहा कि लक्ष्य केवल अपराध मुक्त बिहार बनाना ही नहीं, बल्कि पुलिसिंग की आंतरिक व्यवस्था को इतना मजबूत करना है कि जनता का विश्वास जीत सकें। आवंटित संसाधनों और ईंधन के सही इस्तेमाल को लेकर अधिकारियों की जवाबदेही तय कर दी गई है। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि पुलिस को मिल रही लगातार सफलताओं ने आम जनमानस के बीच सुरक्षा का नया भाव पैदा किया है।
जवाबदेही और अनुशासन की नई मिसाल
राज्य के सभी जिलों की जी.पी. शाखा के अभिलेखों के अद्यतन की समीक्षा करते हुए डीजीपी ने अनुशासन की नई लकीर खींच दी है। उन्होंने निर्देश दिया कि आवंटित संसाधनों का सही संधारण न केवल एक प्रशासनिक आवश्यकता है, बल्कि यह पेशेवर पुलिसिंग की पहली शर्त भी है। इस बैठक ने स्पष्ट संदेश दे दिया है कि बिहार पुलिस अब एक नए अवतार में है, जहाँ लापरवाही की कोई गुंजाइश नहीं है और ईमानदारी ही एकमात्र विकल्प है।







