Ad Image
Ad Image
ट्रंप ने कहा, खाड़ी देशों की अपील पर ईरान पर हमले बंद किए गए || अदाणी समूह को अमेरिका से क्लीनचिट, आपराधिक मामलों में राहत || राहुल गांधी ने कहा, देश में बड़ा आर्थिक संकट आने वाला, आम आदमी होगा परेशान || भारत और नार्वे के बीच कुल 9 समझौतों पर हस्ताक्षर, बेहतर सहयोग की पहल: मोदी || अहमदाबाद - मुंबई हाईवे पर दर्दनाक सड़क हादसा, 12 की मौत 25 से ज्यादा घायल || राष्ट्रपति ट्रंप का दावा: समझौते के लिए ईरान बेताब, ईरान का इनकार || Delhi - NCR में सीएनजी फिर महंगा, तीन दिन में तीसरी बार कीमत वृद्धि || PM मोदी का नीदरलैंड दौरा, द्विपक्षीय रिश्ते की बेहतरी पर बल दिया || लन्दन: ब्रिटिश PM कीर स्टारमर दे सकते है इस्तीफा, स्थानीय चुनावों में पार्टी की हार का असर || युद्ध समाप्ति पर ईरान के साथ सकारात्मक बातचीत हुई: राष्ट्रपति ट्रंप

The argument in favor of using filler text goes something like this: If you use any real content in the Consulting Process anytime you reach.

  • img
  • img
  • img
  • img
  • img
  • img

Get In Touch

मणिकर्णिका विवाद: संजय सिंह–पप्पू यादव को 72 घंटे में बयान दर्ज कराने का नोटिस

नेशनल डेस्क, आर्या कुमारी।

वाराणसी। मणिकर्णिका घाट पुनर्विकास से जुड़े कथित फर्जी वीडियो और तस्वीरें सोशल मीडिया पर साझा कर धार्मिक भावनाएं भड़काने के मामले में पुलिस ने सख्त रुख अपनाया है। इस प्रकरण में आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह और कांग्रेस नेता पप्पू यादव समेत कई नेताओं के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी गई है। पुलिस ने उन्हें 72 घंटे के भीतर थाने में उपस्थित होकर बयान दर्ज कराने का नोटिस जारी किया है।

पुलिस के अनुसार, मणिकर्णिका घाट पर पुनर्विकास कार्य के दौरान मूर्तियां और मंदिर तोड़े जाने का दावा करते हुए कुछ वीडियो और तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल की गईं। जांच में इन्हें भ्रामक और एआई तकनीक से तैयार बताया गया है। इस मामले में चौक थाने में कुल आठ अलग-अलग एफआईआर दर्ज की गई हैं।

प्रशासन का कहना है कि इन पोस्ट के जरिए सरकार की छवि धूमिल करने और सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने की कोशिश की गई। भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 179 के तहत नोटिस जारी कर सभी आरोपितों को अपना पक्ष रखने के लिए बुलाया गया है। विवाद उस समय बढ़ा, जब वायरल वीडियो के आधार पर विपक्षी नेताओं ने सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। संजय सिंह ने इसे प्राचीन मंदिरों के विध्वंस से जोड़ा, जबकि पप्पू यादव ने तीखी तुलना करते हुए बयान दिए। बाद में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्थल निरीक्षण कर स्पष्ट किया कि मंदिर पूरी तरह सुरक्षित हैं और भ्रम फैलाने के लिए फर्जी सामग्री का इस्तेमाल किया गया है।

वाराणसी पुलिस ने इस मामले में धर्म के आधार पर वैमनस्य फैलाने और झूठी अफवाहें फैलाने से जुड़ी गंभीर धाराएं लगाई हैं, जिनमें तीन से पांच साल तक की सजा का प्रावधान है। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, साझा की गई डिजिटल सामग्री की फॉरेंसिक जांच कराई जा रही है।

पुलिस का कहना है कि यदि तय समयसीमा में संतोषजनक बयान दर्ज नहीं कराया गया, तो आगे कानूनी प्रक्रिया के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी।