Ad Image
Ad Image
अमेरिकी और ईरान के बीच प्रारंभिक समझौता, 60 दिन का सीजफायर लागू || अमेरिकी सेंट्रल कमान की घोषणा, ईरान की नाकेबंदी समाप्त || ईरान - अमेरिका में टकराव चरम पर, नए हमलों से सीजफायर पर लग सकता ब्रेक || जापान: तूफान जोंगमी ने मचाई तबाही, 60 हजार से अधिक घरों में बिजली गुल || जयराम रमेश ने लिखा पत्र, ग्रेट निकोबार परियोजना पर पुनर्विचार की अपील || नई दिल्ली के मालवीय नगर स्थित रेस्टोरेंट में आग से 20 की मौत, दर्जनों घायल || ट्रंप ने कहा, खाड़ी देशों की अपील पर ईरान पर हमले बंद किए गए || अदाणी समूह को अमेरिका से क्लीनचिट, आपराधिक मामलों में राहत || राहुल गांधी ने कहा, देश में बड़ा आर्थिक संकट आने वाला, आम आदमी होगा परेशान || भारत और नार्वे के बीच कुल 9 समझौतों पर हस्ताक्षर, बेहतर सहयोग की पहल: मोदी

The argument in favor of using filler text goes something like this: If you use any real content in the Consulting Process anytime you reach.

  • img
  • img
  • img
  • img
  • img
  • img

Get In Touch

मधेश विश्वविद्यालय को बीरगंज महानगर द्वारा 4 बीघा से अधिक जमीन दी गई

स्टेट डेस्क, अभिलाष गुप्ता।

बीरगंज: बीरगंज महानगरपालिका ने मधेश विश्वविद्यालय के केंद्रीय कार्यालय की स्थापना के लिए महानगरपालिका वार्ड नं. 21 में स्थित 4 बीघा 5 कट्ठा जमीन उपलब्ध कराई है। शिक्षा क्षेत्र के विकास तथा उच्च शिक्षा की पहुँच को विस्तार देने के उद्देश्य से महानगरपालिका द्वारा यह महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया है।

नगर प्रमुख राजेशमान सिंह तथा मधेश विश्वविद्यालय के उपकुलपति डॉ. दीपक शाक्य की विशेष उपस्थिति में सम्पन्न कार्यक्रम में महानगरपालिका बोर्ड के सदस्यों की भी उल्लेखनीय उपस्थिति रही। कार्यक्रम में उपस्थित वक्ताओं ने कहा कि यह निर्णय वीरगंज को शैक्षिक हब के रूप में स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए मधेश विश्वविद्यालय के उपकुलपति डॉ. दीपक शाक्य ने कहा कि बीरगंज महानगरपालिका द्वारा विश्वविद्यालय के भविष्य और समग्र शिक्षा क्षेत्र के विकास को ध्यान में रखते हुए किया गया यह सहयोग ऐतिहासिक एवं दूरदर्शी कदम है।

उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय का केंद्रीय कार्यालय स्थापित होने के बाद मधेश प्रदेश के विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा प्राप्त करने में काफी सुविधा होगी। उपकुलपति शाक्य ने कहा, “बीरगंज महानगरपालिका ने शिक्षा क्षेत्र के प्रति जो प्रतिबद्धता दिखाई है, वह अत्यंत प्रशंसनीय है। विश्वविद्यालय की अपनी केंद्रीय संरचना बनने के बाद अध्ययन, अनुसंधान तथा शैक्षिक गतिविधियों को और अधिक प्रभावकारी ढंग से आगे बढ़ाया जा सकेगा। इससे मधेश प्रदेश के विद्यार्थियों को अपने ही प्रदेश में उत्कृष्ट उच्च शिक्षा प्राप्त करने का अवसर मिलेगा।” उन्होंने महानगरपालिका बोर्ड के सभी सदस्यों के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त करते हुए भविष्य में विश्वविद्यालय और स्थानीय तह के बीच सहयोग और अधिक मजबूत होने की उम्मीद जताई।

नगर प्रमुख राजेशमान सिंह ने भी कहा कि शिक्षा, अनुसंधान तथा मानव संसाधन विकास के लिए महानगरपालिका सदैव सकारात्मक रही है तथा मधेश विश्वविद्यालय को आवश्यक सहयोग प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है। स्थानीय बुद्धिजीवियों एवं शिक्षाप्रेमियों ने महानगरपालिका के इस निर्णय को ऐतिहासिक बताते हुए स्वागत किया है। उनका मानना है कि मधेश विश्वविद्यालय का केंद्रीय कार्यालय वीरगंज में स्थापित होने से शहर की शैक्षिक, आर्थिक तथा सामाजिक गतिविधियों पर सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।