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महिला आरक्षण बिल पर डिंपल यादव के तीखे सवाल

नेशनल डेस्क,श्रेयांश पराशर l

नई दिल्ली। डिंपल यादव ने लोकसभा में महिला आरक्षण संशोधन विधेयक की मंशा पर सवाल उठाते हुए केंद्र सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि सरकार इस विधेयक को जल्दबाजी में लागू करना चाहती है, जबकि जनगणना के आंकड़ों का इंतजार किया जाना चाहिए।

डिंपल यादव ने आरोप लगाया कि सरकार का इरादा स्पष्ट नहीं है और वह ओबीसी वर्ग की महिलाओं को आरक्षण देने से बचने के लिए जाति जनगणना के आंकड़ों का इंतजार नहीं कर रही है। उन्होंने कहा कि जब सरकार 2024 में सत्ता में आई, तो जनगणना तुरंत क्यों नहीं शुरू कराई गई और इसके लिए करीब ढाई साल का इंतजार क्यों किया गया।

इस मुद्दे पर अखिलेश यादव भी पहले सवाल उठा चुके हैं। उन्होंने कहा था कि सरकार को पहले जनगणना के आंकड़े आने देना चाहिए, ताकि ओबीसी और मुस्लिम महिलाओं को भी आरक्षण का लाभ मिल सके। वहीं अमित शाह  ने इस पर जवाब देते हुए कहा था कि फिलहाल घरों की गिनती की जा रही है और आगे चलकर जनगणना में जाति का कॉलम जोड़ा जाएगा।

डिंपल यादव ने तंज करते हुए कहा कि तीन साल में सरकार केवल घरों की गिनती ही कर पाई है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि भाजपा परिसीमन प्रक्रिया का उपयोग खुद को मजबूत करने के लिए करना चाहती है और इसी कारण जनगणना को टालने की कोशिश की जा रही है।

इसके अलावा उन्होंने उत्तर प्रदेश की स्थिति का जिक्र करते हुए कहा कि गांव-गांव में प्राथमिक विद्यालय बंद हो रहे हैं, जिससे महिलाओं की शिक्षा प्रभावित हो रही है। उन्होंने उन्नाव और मणिपुर जैसी घटनाओं का हवाला देते हुए महिलाओं की सुरक्षा पर भी सवाल उठाए और कहा कि इस मुद्दे पर सत्ता पक्ष की महिला सांसदों की चुप्पी चिंताजनक है।