स्टेट डेस्क , आकाश अस्थाना
शिवहर की पंचायत में शिक्षा की क्रांति, मुखिया बनीं प्रेरणा
-शिक्षा और आत्मनिर्भरता की राह पर बढ़ रहीं महिलाएं, पंचायत में दिख रहा सकारात्मक बदलाव
-नियमित संवाद और प्रेरणा से महिलाओं को मिल रहा नया आत्मविश्वास और पहचान
पटना, बिहार के सबसे छोटे जिले शिवहर में महिला मुखिया सशक्तिकर ण और दी शिक्षा की मिसाल बनकर ए83भर हैं। इस जिले के पुरनहिया ब्लॉक के दोस्तिया पंचायत की मुखिया सुनैना देवी ने शादी के बाद इस क्षेत्र को अपना घर बनाया और यहां बदलाव की मुहिम शुरू की। वर्ष 2022 में मुखिया पद का चुनाव लड़कर उन्होंने भारी मतों से जीत हासिल की और उसके बाद से लगातार महिलाओं को शिक्षा व आत्मनिर्भरता की राह दिखा रही हैं।
मुखिया सुनैना देवी का मानना है कि शिक्षा ही समाज को आगे ले जा सकती है। उन्होंने पंचायत की महिलाओं और लड़कियों के बीच नियमित संवाद कर उन्हें घर की चारदीवारी से बाहर निकलने, अपनी बात रखने और स्वरोजगार अपनाने के लिए प्रेरित किया। उनकी निरंतर कोशिशों का नतीजा अब दिख रहा है। आज दोस्तिया पंचायत की लगभग आधा दर्जन लड़कियां और महिलाएं पास के प्राइवेट स्कूलों में शिक्षिका के रूप में कार्यरत हैं और अपनी मेहनत से कमाई कर रही हैं। इसके अलावा कई लड़कियां सरकारी शिक्षिका बनकर न सिर्फ खुद को सशक्त बना रही हैं, बल्कि पूरे इलाके के लिए महिला सशक्तिकरण की प्रेरणा बन गई हैं।
सुनैना देवी स्वयं शिक्षा को लेकर बेहद सक्रिय रहती हैं। वे पंचायत के हर बच्चे को स्कूल भेजने को सुनिश्चित करती हैं और स्कूल के अटेंडेंस रजिस्टर पर भी नजर रखती हैं। उनकी इस मुहिम से गांव की महिलाओं में आत्मविश्वास बढ़ा है और वे अब बिना झिझक लोगों के बीच अपनी बात रख पा रही हैं।उनकी इन सराहनीय पहलों की पहचान करते हुए उन्हें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आगमन पर स्वागत समिति में शामिल किया गया था, जो उनकी लोकप्रियता और कार्यों का प्रमाण है।
वो कहती हैं कि शिक्षा हर व्यक्ति के लिए बेहद जरूरी है। मैं चाहती हूं कि मेरी पंचायत की हर लड़की और महिला पढ़े-लिखे और आत्मनिर्भर बने। घर से बाहर निकलकर वे अपनी पहचान बनाएं।







