नेशनल डेस्क, रानी कुमारी
दिल्ली। विदेशों से खुफिया जानकारी जुटाने और उसका विश्लेषण करने वाली भारत की प्रमुख एजेंसी, रिसर्च एंड एनालिसिस विंग (रॉ) ने शुक्रवार को अपनी वार्षिक व्याख्यान श्रृंखला का आयोजन किया।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने इस वर्ष 'मादक पदार्थ: एक सीमाहीन खतरा, एक सामूहिक जिम्मेदारी' विषय पर अपना संबोधन दिया।
अपने संबोधन में गृह मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत ने 2047 तक नशामुक्त भारत का राष्ट्रीय लक्ष्य निर्धारित किया है।
गृह मंत्री शाह ने कहा कि भारत सरकार नशे के कारोबार के खिलाफ “जीरो टॉलरेंस” की नीति पर काम कर रही है। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में केंद्र सरकार ने विभिन्न एजेंसियों के समन्वय से मादक पदार्थों की तस्करी पर कड़ा प्रहार किया है और बड़ी मात्रा में ड्रग्स जब्त किए गए हैं।
अमित शाह ने कहा कि ड्रग्स नेटवर्क अब सीमाओं तक सीमित नहीं रह गया है और तकनीक तथा डिजिटल माध्यमों का उपयोग कर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर फैल रहा है। ऐसे में देशों के बीच सूचनाओं के आदान-प्रदान, खुफिया सहयोग और संयुक्त कार्रवाई की आवश्यकता पहले से अधिक बढ़ गई है। उन्होंने सभी देशों से अपील की कि वे मादक पदार्थों के खिलाफ साझा रणनीति बनाकर एकजुट होकर कार्रवाई करें।
गृह मंत्री ने कहा कि भारत न केवल ड्रग्स तस्करी पर रोक लगाने के लिए कठोर कानून लागू कर रहा है, बल्कि युवाओं को नशे से दूर रखने के लिए जागरूकता अभियान भी चला रहा है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि समाज, परिवार, शैक्षणिक संस्थानों और सरकारों को मिलकर नशे के खिलाफ व्यापक जनजागरण अभियान चलाना होगा।
उन्होंने कहा कि ड्रग्स का अवैध कारोबार आतंकवाद, संगठित अपराध और मनी लॉन्ड्रिंग जैसी गतिविधियों को भी बढ़ावा देता है, जिससे राष्ट्रीय सुरक्षा पर खतरा उत्पन्न होता है। इसलिए इस चुनौती से निपटने के लिए वैश्विक सहयोग बेहद जरूरी है।
सम्मेलन में विभिन्न देशों के प्रतिनिधियों, सुरक्षा विशेषज्ञों और नीति निर्माताओं ने भी हिस्सा लिया और मादक पदार्थों की तस्करी रोकने के लिए अंतरराष्ट्रीय सहयोग को मजबूत करने पर सहमति जताई।






