लोकल डेस्क, एन के सिंह।
15 अप्रैल से शुरू होगा महा अभियान। जिलाधिकारी ने गौरी शंकर विद्यालय में बच्चों संग बिताया समय, जानी मन की बात।
पूर्वी चम्पारण: सरकारी स्कूलों में शिक्षा की गुणवत्ता और बुनियादी सुविधाओं को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए जिला प्रशासन ने कमर कस ली है। शैक्षणिक सत्र 2026-27 के आगाज के साथ ही जिले के तमाम सरकारी स्कूलों की 'कुंडली' खंगालने की तैयारी पूरी हो चुकी है। आगामी 15 अप्रैल से 30 अप्रैल 2026 तक पूरे जिले में एक विशेष अनुश्रवण एवं निरीक्षण अभियान चलाया जाएगा, जिसका उद्देश्य हर बच्चे को विश्वस्तरीय सुविधाएं और बेहतर शैक्षणिक माहौल उपलब्ध कराना है।
स्मार्ट क्लास से लेकर जिम तक की होगी पड़ताल
इस महा-अभियान के तहत केवल हाजिरी ही नहीं जांची जाएगी, बल्कि स्कूलों के बुनियादी ढांचे का बारीकी से विश्लेषण होगा। निरीक्षी पदाधिकारी यह देखेंगे कि बच्चों के लिए शुद्ध पेयजल, साफ शौचालय, बिजली, पंखे और रोशनी की समुचित व्यवस्था है या नहीं। साथ ही, आधुनिक शिक्षा के पैमानों जैसे आईसीटी लैब, स्मार्ट क्लास, पुस्तकालय, प्रयोगशाला और यहाँ तक कि जिम की उपलब्धता की भी जाँच की जाएगी। प्रशासन का जोर इस बात पर है कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में जो राशि स्कूलों को दी गई थी, उसका सही उपयोग हुआ है या नहीं और खरीदी गई सामग्रियों की गुणवत्ता कैसी है।
डीएम ने खुद संभाली कमान, बच्चों से पूछा- 'बड़े होकर क्या बनोगे?'
अभियान की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि जिलाधिकारी ने खुद मोर्चा संभाल लिया है। आज जिलाधिकारी और जिला शिक्षा पदाधिकारी ने सदर प्रखंड स्थित गौरी शंकर विद्यालय का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान एक अलग ही नजारा देखने को मिला जब जिलाधिकारी सीधे क्लासरूम में बच्चों के बीच जाकर बैठ गए। उन्होंने बच्चों से उनकी पढ़ाई, स्कूल की सुविधाओं और उनके सपनों के बारे में आत्मीय संवाद किया। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि जिला प्रशासन यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है कि अंतिम पायदान पर खड़े बच्चे को भी गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिले।
कड़ी निगरानी और समय सीमा का पालन
भीषण गर्मी को देखते हुए 6 अप्रैल से स्कूल प्रातःकालीन सत्र (सुबह 06:30 से दोपहर 12:30 बजे) में चलेंगे। निरीक्षण के लिए तैनात पदाधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे हर हाल में शाम 5:00 बजे तक अपनी रिपोर्ट कार्यालय की गोपनीय शाखा में जमा करेंगे। प्रखंड शिक्षा पदाधिकारियों को कमियों को तुरंत दूर करने की जिम्मेदारी दी गई है, जबकि गंभीर मामलों को जिला स्तर पर सुलझाया जाएगा।
इस अवसर पर नगर आयुक्त श्री आशीष कुमार एवं सहायक समाहर्ता प्रिया रानी भी मौजूद रहीं, जो शिक्षा व्यवस्था में सुधार के इस संकल्प को धरातल पर उतारने में जुटे हैं।







