लोकल डेस्क, एन के सिंह।
- उप विकास आयुक्त ने कृषि टास्क फोर्स की बैठक में दिए कड़े निर्देश; उर्वरक के साथ अन्य उत्पाद टैग करने पर रोक
पूर्वी चंपारण: जिले के किसानों को खेती-किसानी में उर्वरक की किल्लत न हो और उन्हें सही दाम पर खाद उपलब्ध हो, इसे लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। मंगलवार को समाहरणालय स्थित कक्ष में उप विकास आयुक्त डॉ. प्रदीप कुमार की अध्यक्षता में जिला स्तरीय कृषि टास्क फोर्स की एक बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिले की कृषि व्यवस्था और उर्वरक उपलब्धता की गहन समीक्षा की गई।
उर्वरक की कोई कमी नहीं, छापेमारी जारी
बैठक के दौरान जिला कृषि पदाधिकारी मनीष कुमार सिंह ने कृषि विभाग द्वारा चलाई जा रही विभिन्न योजनाओं पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने डीडीसी को अवगत कराया कि वर्तमान में जिले में उर्वरक का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध हैं, और किसानों को किसी भी तरह की परेशानी नहीं होने दी जा रही है। उन्होंने बताया कि विभाग पूरी तरह तत्पर हैं,और विशेषकर सीमावर्ती क्षेत्रों में उर्वरक की अवैध तस्करी रोकने के लिए औचक छापेमारी अभियान लगातार चलाया जा रहा हैं।
जीरो टॉलरेंस नीति: टैगिंग करने वालों पर गिरेगी गाज
डीडीसी डॉ. प्रदीप कुमार ने स्पष्ट लहजे में कहा कि उर्वरक वितरण में 'जीरो टॉलरेंस' की नीति अपनाई जाए। उन्होंने थोक और खुदरा विक्रेताओं को कड़ी चेतावनी देते हुए निर्देश दिया कि खाद की बिक्री के साथ किसी भी अन्य उत्पाद (जैसे जिंक, सल्फर या अन्य दवाइयां) को टैग (जबरन जोड़ना) नहीं किया जाएगा। सभी विक्रेता पॉस (PoS) मशीन के माध्यम से ही उर्वरक का वितरण सुनिश्चित करेंगे। भंडारित स्टॉक और पॉस मशीन में दर्ज आंकड़ों में भिन्नता पाए जाने पर संबंधित विक्रेता के विरुद्ध तत्काल कठोर कार्रवाई की जाएगी।
अधिकारियों को 'अलर्ट मोड' पर रहने का आदेश
डीडीसी ने बैठक में मौजूद सभी अनुमंडल कृषि पदाधिकारियों, प्रखंड कृषि पदाधिकारियों, कृषि समन्वयकों और किसान सलाहकारों को 'अलर्ट मोड' पर रहने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि जमीनी स्तर पर खाद की कालाबाजारी पर पैनी नजर रखी जाए। अनुमंडल कृषि पदाधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि वे अपने क्षेत्रों में खाद दुकानों का भौतिक सत्यापन करें और अनियमितता मिलने पर सीधे जिला कृषि पदाधिकारी को रिपोर्ट भेजें।
बनकटवा प्रखंड के लिए विशेष व्यवस्था
बैठक में बनकटवा प्रखंड के उन गांवों और पंचायतों पर विशेष चर्चा हुई जहां उर्वरक आपूर्ति पर तकनीकी कारणों से रोक लगाई गई है। डीडीसी ने निर्देश दिया कि किसान सलाहकारों के माध्यम से ऐसे किसानों की सूची तैयार की जाए। प्रखंड कृषि पदाधिकारी के माध्यम से यह सूची जिला स्तर पर आएगी, ताकि चिन्हित दुकानों से उन किसानों को सुगमता से खाद उपलब्ध कराई जा सके। बैठक में जिला पशुपालन पदाधिकारी, जिला मत्स्य पदाधिकारी, सहायक निदेशक (पौधा संरक्षण), सहायक निदेशक (रसायन), सहायक निदेशक (बीज विश्लेषण) सहित सदर, सिकरहना, चकिया एवं रक्सौल के अनुमंडल कृषि पदाधिकारी मुख्य रूप से उपस्थित रहे।






