लोकल डेस्क, एन के सिंह।
अश्वमेघ यज्ञ का 'स्वर्ण अश्व' बनेगा आकर्षण का केंद्र; सुरक्षा व्यवस्था को लेकर नगर थानाध्यक्ष ने सिकरिया फार्मेसी कॉलेज में की अहम बैठक
पूर्वी चम्पारण: जिले कि ऐतिहासिक धरती एक बार फिर भक्ति, शक्ति और अध्यात्म के अनूठे संगम की साक्षी बनने जा रही है। आगामी रामनवमी पर मोतिहारी की गलियों में सिर्फ जय श्रीराम का उद्घोष ही नहीं गूंजेगा, बल्कि साक्षात सनातन परंपरा की भव्यता भी जीवंत होगी। इस वर्ष की शोभायात्रा सामान्य नहीं, बल्कि एक दैवीय उत्सव के समान होगी, जिसका नेतृत्व स्वयं श्रीकाशी सुमेरू पीठाधीश्वर जगद्गुरु शंकराचार्य यतिसम्राट अनंत श्रीविभूषित स्वामी नरेन्द्रानन्द सरस्वती जी महाराज करेंगे।
तैयारियों का जायजा लेने पहुंचे नगर थानाध्यक्ष
आयोजन की भव्यता और सुरक्षा की संवेदनशीलता को देखते हुए मंगलवार को राधा नगर स्थित सिकरिया फार्मेसी कॉलेज में सरगर्मियां तेज रहीं। नगर थानाध्यक्ष राजीव कुमार और एएसआई चंदन कुमार ने कॉलेज परिसर का दौरा किया। यहाँ उन्होंने उद्योगपति सह शिक्षाविद शंभू नाथ सिकरिया, संस्था के संस्थापक जमुना सिकरिया और वरिष्ठ पत्रकार चंद्रभूषण पांडेय के साथ लंबी बैठक की। पुलिस प्रशासन ने यात्रा के रूट, भीड़ नियंत्रण और सुरक्षा मानकों पर बारीकी से मंथन किया। थानाध्यक्ष ने शिक्षा और अध्यात्म के इस केंद्र की सराहना करते हुए पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया।
स्वर्ण अश्व और जगद्गुरु का सानिध्य
इस बार की शोभायात्रा में श्रद्धा का सबसे बड़ा केंद्र 'अश्वमेघ यज्ञ' का वह गोल्ड प्लेटेड (स्वर्ण जड़ित) अश्व होगा, जो राधा नगर आश्रम की पहचान है। जब जगद्गुरु शंकराचार्य इस अश्व के साथ रथ पर सवार होकर निकलेंगे, तो वह दृश्य त्रेतायुग की याद ताजा कर देगा। शिक्षाविद सह उद्योगपति संस्थापक, सिकरिया फार्मेसी कॉलेज
शंभू नाथ सिकरिया ने बताया कि "यह आयोजन मोतिहारी के लिए केवल एक यात्रा नहीं, बल्कि गौरव का विषय है। जगद्गुरु के आशीर्वाद और अश्वमेघ के अश्व की उपस्थिति से पूरा वातावरण भक्तिमय हो जाएगा।"
यात्रा का पूरा कार्यक्रम और रूट चार्ट
विश्व हिंदू परिषद के तत्वावधान में 26 मार्च 2026 को निकलने वाली इस यात्रा का समय सारणी कुछ इस प्रकार है
जगद्गुरु शंकराचार्य जी सुबह 11:00 बजे वाराणसी से सड़क मार्ग द्वारा राधा नगर आश्रम पहुंचेंगे।
दोपहर 12:00 बजे आश्रम के कॉन्फ्रेंस हॉल में महाराज जी मीडिया को संबोधित करेंगे।
दोपहर 02:00 बजे स्वर्ण अश्व के साथ महाराज जी हनुमानगढ़ी मंदिर पहुंचेंगे।
हनुमानगढ़ी मंदिर से प्रारंभ होकर यात्रा हेनरी बाजार चौक, ज्ञान बाबू चौक, मेन रोड, मीना बाजार, नगर थाना से होते हुए छतौनी, भवानीपुर जिरात, मधुबन छावनी और धर्म समाज चौक से गुजरते हुए पुनः मंदिर परिसर में संपन्न होगी।
सुरक्षा के कड़े इंतजाम
हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं, घोड़ों, रथों और गाड़ियों के काफिले को देखते हुए संस्थान ने प्रशासन से अतिरिक्त पुलिस बल की मांग की है। जगद्गुरु शंकराचार्य जी रात्रि विश्राम राधा नगर आश्रम में करेंगे और 27 मार्च की सुबह 09:00 बजे पुनः वाराणसी के लिए प्रस्थान करेंगे। मोतिहारी के नागरिकों में इस भव्य आयोजन को लेकर भारी उत्साह देखा जा रहा है।






