लोकल डेस्क, एन के सिंह।
आयोजित सेरेमोनियल परेड में दिखा अनुशासन और जज्बे का अनूठा संगम
पूर्वी चंपारण: "पुलिस केवल अपराधियों के लिए काल नहीं है, बल्कि अनुशासन और ड्रिल की दुनिया में भी इनका कोई सानी नहीं है।" यह पंक्तियां सोमवार सुबह मोतिहारी के रक्षित कार्यालय पुलिस लाइन मैदान में चरितार्थ होती दिखीं। मौका था भव्य सेरेमोनियल परेड का, जहाँ चंपारण के जवानों ने अपनी कदमताल और फौलादी इरादों से अधिकारियों को दांतों तले उंगली दबाने पर मजबूर कर दिया।
मृदु व्यवहार और अपराधियों पर प्रहार: डीआईजी का गुरुमंत्र
परेड के निरीक्षण के बाद जवानों को संबोधित करते हुए डीआईजी हरकिशोर राय ने स्पष्ट संदेश दिया। उन्होंने कहा कि पुलिस की असली जीत जनता का भरोसा जीतने में है। उन्होंने तीन मुख्य बिंदुओं पर जोर दिया
आम जनता के साथ व्यवहार को कोमल रखें, ताकि वे बेझिझक अपनी समस्या कह सकें। अपराधियों के खिलाफ रुख में कोई नरमी न बरतें, खाकी का खौफ कायम रहना चाहिए। ड्यूटी के दौरान अनुशासन और वेशभूषा ही आपकी पहचान है, इसे कभी धूमिल न होने दें।
खुली जिप्सी में निरीक्षण और जवानों का जोश
जैसे ही सुबह की पहली किरण पुलिस लाइन के मैदान पर पड़ी, जवानों के जूतों की धमक और 'बाएं-दाएं' के नारों से पूरा परिसर गूंज उठा। डीआईजी हरकिशोर राय और तेजतर्रार एसपी स्वर्ण प्रभात ने संयुक्त रूप से परेड की सलामी ली। डीआईजी ने खुली जिप्सी में सवार होकर जवानों की ड्रिल, टर्न आउट और मार्च पास्ट का बारीकी से अवलोकन किया। जवानों की चुस्त वेशभूषा और सटीक कदमताल ने अधिकारियों का मन मोह लिया।
"निरीक्षण के दौरान यह साफ दिखा कि मोतिहारी पुलिस के जवान शारीरिक और मानसिक रूप से किसी भी चुनौती से निपटने के लिए पूरी तरह मुस्तैद हैं।" - हरकिशोर राय, डीआईजी
रक्षित कार्यालय का सूक्ष्म परीक्षण
परेड के बाद प्रशासनिक व्यवस्थाओं की बारी थी। डीआईजी और एसपी ने रक्षित कार्यालय (Police Reserve Office) का सघन निरीक्षण किया। इस दौरान शस्त्रागार की सुरक्षा और हथियारों के रखरखाव को परखा गया।
सरकारी रजिस्टरों और रिकॉर्ड के संधारण की जांच की गई।
जवानों के वेलफेयर और उनके रहने की सुविधाओं पर विशेष चर्चा हुई।
एसपी स्वर्ण प्रभात ने डीआईजी को जिले की वर्तमान कानून व्यवस्था और पुलिस बल की भविष्य की तैयारियों से अवगत कराया। डीआईजी ने व्यवस्थाओं पर संतोष व्यक्त करते हुए बेहतर प्रदर्शन करने वाले पुलिसकर्मियों की पीठ थपथपाई और उनका मनोबल बढ़ाया।इस आयोजन ने न केवल पुलिस के अनुशासन को दर्शाया, बल्कि यह संदेश भी दिया कि चंपारण पुलिस अब आधुनिक चुनौतियों, तकनीक और शारीरिक दक्षता के साथ अपराधियों के छक्के छुड़ाने को तैयार है। मैदान में गूंजती जवानों की कदमताल मोतिहारी की सुरक्षा का भरोसा दिला रही थी।







