लोकल डेस्क, एन के सिंह।
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एसपी ने विधायक के सुझाव पर सैदपुरवा में पुलिस पोस्ट खोलने की दिशा में भी सकारात्मक संकेत दिए।
पूर्वी चंपारण: जिले की गौरवशाली धरती पर विकास और जन-सुरक्षा के संगम की एक नई और स्वर्णिम पटकथा लिखी गई है। दशकों का लंबा इंतजार, पीढ़ियों की उम्मीदें और प्रशासनिक जद्दोजहद के बाद आखिरकार जिले के सुदूर और संवेदनशील क्षेत्र फेनहारा को अपना 'मॉडल थाना' भवन मिल गया है। यह सिर्फ ईंट-पत्थरों की एक सरकारी इमारत नहीं है, बल्कि पूर्व सांसद स्वर्गीय सीताराम सिंह के उस दूरदर्शी सपने का साकार रूप है, जिसे उन्होंने इस क्षेत्र की शांति और सुरक्षा के लिए संजोया था।
शुक्रवार को एक भव्य समारोह के बीच मधुबन के भाजपा विधायक राणा रणधीर सिंह और पुलिस अधीक्षक स्वर्ण प्रभात, डीएसपी कुमार चंदन, अनुमंडल पदाधिकारी मंगल कुमारी, जदयू नेता सिकटा विधानसभा क्षेत्र के प्रभारी मोहम्मद अकिलूर रहमान ने संयुक्त रूप से फीता काटकर इस तीन मंजिला अत्याधुनिक भवन का लोकार्पण किया। इस दौरान हाजी मोहम्मद अकिलूरहमान ने भाजपा विधायक राणा रणधीर सिंह, एसपी स्वर्ण प्रभात, डीएसपी कुमार चंदन, एसडीओ मंगल कुमारी बुके एवं चादर ओढ़ कर सम्मानित किया, व्यक्ति इस ऐतिहासिक पल के साक्षी बने।
43 साल का संघर्ष: पंचायत भवन से 'महल' तक का सफर
फेनहारा थाने का इतिहास किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं है। साल 1982 में तत्कालीन स्वास्थ्य मंत्री बृजकिशोर सिंह ने इसकी घोषणा की थी, लेकिन तब से यह थाना अस्तित्व के लिए भटकता रहा। कभी यह पकड़ीदयाल तो कभी पताही थाने के चक्कर काटता रहा। पिछले 43 वर्षों से यह थाना फेनहारा पंचायत भवन के छोटे से कमरों में सिमटा हुआ था। पूर्व सांसद सीताराम सिंह की पहल पर इसे स्थायित्व तो मिला, लेकिन आज उनके पुत्र विधायक राणा रणधीर सिंह के प्रयासों से इसे अपना निजी और विशाल 'घर' नसीब हुआ है। वार्ड नंबर 11 में करीब 1 एकड़ क्षेत्र में फैला यह परिसर अब पुलिसिंग का नया केंद्र बनेगा।
भूकंपरोधी ढांचा और 33 आधुनिक कमरे
24 फरवरी 2024 को इस भवन की नींव रखी गई थी और रिकॉर्ड समय में बिहार राज्य पुलिस भवन निर्माण निगम ने इसे तैयार किया है। यह तीन मंजिला इमारत पूरी तरह भूकंपरोधी है। भवन में कुल 33 कमरे हैं, जिनमें पुलिस अधिकारियों के कार्यालय, आधुनिक हाजत, मालखाना और कंप्यूटर कक्ष शामिल हैं। खास बात यह है कि इसी परिसर में जवानों और अधिकारियों के रहने के लिए सुसज्जित आवास और महिला पुलिसकर्मियों के लिए अलग से 'महिला बैरक' बनाया गया है।
अपराध पर लगाम और जनता का विश्वास
समारोह को संबोधित करते हुए विधायक राणा रणधीर सिंह भावुक दिखे। उन्होंने कहा, "आज मेरे पिता स्वर्गीय सीताराम सिंह का सपना पूरा हुआ है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अपनी यात्रा के दौरान जो वादा किया था, वह आज धरातल पर है। एसपी स्वर्ण प्रभात जिस तरह से अपराधियों पर नकेल कस रहे हैं, उससे जनता में पुलिस के प्रति विश्वास बढ़ा है।"
वहीं, पुलिस अधीक्षक स्वर्ण प्रभात ने इसे सुरक्षा का नया अध्याय बताया। उन्होंने कहा, "पुलिस का धर्म न्याय और सुरक्षा सुनिश्चित करना है। इस हाईटेक भवन से फेनहारा, बारा परसौनी, रूपौलिया, खान पिपरा, मनकरवा और मधुबनी जैसी 6 पंचायतों की डेढ़ लाख आबादी को सुरक्षा का कवच मिलेगा।" एसपी ने विधायक के सुझाव पर सैदपुरवा में पुलिस पोस्ट खोलने की दिशा में भी सकारात्मक संकेत दिए।
जश्न का माहौल, उमड़ा जनसैलाब
इस ऐतिहासिक लोकार्पण कार्यक्रम में भारी संख्या में ग्रामीण और क्षेत्र के जनप्रतिनिधि पहुंचे थे। कार्यक्रम में उपस्थित मुख्य अतिथियों को जदयू सिकटा विधानसभा क्षेत्र के प्रभारी अकिलूरहमान रहमान ने विधायक एसपी एवं डीएसपी एसडीओ को बुक एवं चादर ओढ़ कर सम्मानित किया।प्रखंड प्रमुख राधेश्याम सिंह, पूर्व प्रमुख रंजीत कुमार, पूर्व मुखिया वशिष्ठ राय, रविंद्र तिवारी और अन्य गणमान्य लोगों की उपस्थिति ने इसे एक उत्सव का रूप दे दिया। फेनहारा के इस नए मॉडल थाने ने न केवल नक्सली प्रभाव वाले इस क्षेत्र में कानून का इकबाल बुलंद किया है, बल्कि यह संदेश भी दिया है कि चंपारण का सुदूर इलाका अब विकास की दौड़ में किसी से पीछे नहीं रहेगा।







