Ad Image
Ad Image
ट्रंप ने कहा, खाड़ी देशों की अपील पर ईरान पर हमले बंद किए गए || अदाणी समूह को अमेरिका से क्लीनचिट, आपराधिक मामलों में राहत || राहुल गांधी ने कहा, देश में बड़ा आर्थिक संकट आने वाला, आम आदमी होगा परेशान || भारत और नार्वे के बीच कुल 9 समझौतों पर हस्ताक्षर, बेहतर सहयोग की पहल: मोदी || अहमदाबाद - मुंबई हाईवे पर दर्दनाक सड़क हादसा, 12 की मौत 25 से ज्यादा घायल || राष्ट्रपति ट्रंप का दावा: समझौते के लिए ईरान बेताब, ईरान का इनकार || Delhi - NCR में सीएनजी फिर महंगा, तीन दिन में तीसरी बार कीमत वृद्धि || PM मोदी का नीदरलैंड दौरा, द्विपक्षीय रिश्ते की बेहतरी पर बल दिया || लन्दन: ब्रिटिश PM कीर स्टारमर दे सकते है इस्तीफा, स्थानीय चुनावों में पार्टी की हार का असर || युद्ध समाप्ति पर ईरान के साथ सकारात्मक बातचीत हुई: राष्ट्रपति ट्रंप

The argument in favor of using filler text goes something like this: If you use any real content in the Consulting Process anytime you reach.

  • img
  • img
  • img
  • img
  • img
  • img

Get In Touch

मोतिहारी में स्वरोजगार का महाकुंभ

लोकल डेस्क, एन के सिंह।
सपनों की 'बारात' और करोड़ों की 'सौगात'। समाहरणालय में बैंकों का जमावड़ा, एक ही छत के नीचे युवाओं को मिली उद्यमी बनने की 'चाबी'

पूर्वी चंपारण: धरती अब सिर्फ हल और बैल से नहीं, बल्कि मशीन और मुनाफे से अपनी पहचान बना रही है। बुधवार को  समाहरणालय स्थित डॉ. राधाकृष्णन सभा भवन में जो नजारा दिखा, उसने यह साफ कर दिया कि जिले के युवा अब 'नौकरी मांगने वाले नहीं, बल्कि नौकरी देने वाले' बनने की राह पर निकल पड़े हैं। जिला प्रशासन की सख्ती और बैंकों की सक्रियता ने स्वरोजगार की ऐसी 'बारात' उतारी, जिसने जिले में उद्यमिता की नई इबारत लिख दी है। सरकार की मंशा और युवाओं की मेहनत के बीच अक्सर 'लाल फीताशाही' की दीवार खड़ी हो जाती है, लेकिन बुधवार को समाहरणालय के सभा भवन में यह दीवार ढहती नजर आई। जिला उद्योग केंद्र के महाप्रबंधक, अग्रणी जिला प्रबंधक (LDM) और तमाम बैंकों के प्रतिनिधि जब एक ही मेज पर बैठे, तो माहौल किसी उत्सव जैसा था। यह केवल एक ऋण शिविर नहीं था, बल्कि उन सपनों को पंख देने का मंच था जो पूंजी के अभाव में दम तोड़ रहे थे।

आंकड़ों की जुबानी, बदलती कहानी

प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (PMEGP) में जिले ने इस बार रिकॉर्ड तोड़ दिया है। साल 2025-26 के लिए निर्धारित 76 के लक्ष्य को पीछे छोड़ते हुए बैंकों ने 93 आवेदन स्वीकृत कर लिए हैं। वहीं, खाद्य प्रसंस्करण (PMFME) के क्षेत्र में भी क्रांति का आगाज हो चुका है, जहाँ 440 के लक्ष्य के विरुद्ध 284 आवेदनों को हरी झंडी मिल चुकी है। शिविर के दौरान ही 53 लाभार्थियों के 304.14 लाख के ऋण पर मुहर लगी, जिससे पूरे जिले के व्यापारिक गलियारों में हलचल मच गई है।

महाप्रबंधक की 'सर्जिकल स्ट्राइक': 10 दिन और लक्ष्य पूरा

बैठक में अनुशासन और सख्ती का भी दौर चला। वित्तीय वर्ष की विदाई करीब देख जिला उद्योग केंद्र के महाप्रबंधक ने बैंक अधिकारियों को दो टूक शब्दों में चेतावनी दी। उन्होंने स्पष्ट कहा कि अब ढिलाई का वक्त खत्म हो चुका है। अगले 10 दिनों के भीतर शत-प्रतिशत लक्ष्य पूरा करना अनिवार्य है। प्रशासन के इस कड़े रुख के बाद बैंक प्रतिनिधियों ने भी लिखित में भरोसा दिया है कि वे निर्धारित समय में लक्ष्य हासिल कर लेंगे।

मुस्कुराते चेहरे और चमकता भविष्य

जब लाभार्थियों को ऋण स्वीकृति पत्र और चेक सौंपे गए, तो कई युवाओं की आंखों में खुशी के आंसू थे। प्रशासन ने संदेश दिया कि "सरकार आपके साथ खड़ी है, बस आप मेहनत का संकल्प लें।" पूर्वी चंपारण अब केवल कृषि प्रधान जिला नहीं, बल्कि एक 'उद्यमी हब' बनने की ओर अग्रसर है।