Ad Image
Ad Image
सुप्रीम कोर्ट ने नोएडा हेट स्पीच मामले की आज सुनवाई की || लोकसभा से निलंबित सांसदों पर आसन पर कागज फेंकने का आरोप || लोकसभा से कांग्रेस के 7 और माकपा का 1 सांसद निलंबित || पटना: NEET की छात्रा के रेप और हत्या को लेकर सरकार पर जमकर बरसे तेजस्वी || स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा, केशव मौर्य को होना चाहिए यूपी का CM || मतदाता दिवस विशेष: मुख्य चुनाव आयुक्त ने कहा 'मतदान राष्ट्रसेवा' || नितिन नबीन बनें भाजपा के पूर्णकालिक राष्ट्रीय अध्यक्ष, डॉ. लक्ष्मण ने की घोषणा || दिल्ली को मिली फिर साफ हवा, AQI 220 पर पहुंचा || PM मोदी ने भारतरत्न अटल जी और मालवीय जी की जयंती पर श्रद्धा सुमन अर्पित किया || युग पुरुष अटल बिहारी वाजपेयी जी की जन्म जयंती आज

The argument in favor of using filler text goes something like this: If you use any real content in the Consulting Process anytime you reach.

  • img
  • img
  • img
  • img
  • img
  • img

Get In Touch

युमनाम खेमचंद सिंह होंगे मणिपुर के नए CM

स्टेट डेस्क, श्रेयांश पराशर l

इंफाल। पूर्वोत्तर राज्य मणिपुर में करीब एक साल तक राष्ट्रपति शासन रहने के बाद अब नई सरकार के गठन का रास्ता साफ हो गया है। भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) विधायक दल ने मंगलवार को हुई अहम बैठक में युमनाम खेमचंद सिंह को अपना नेता चुन लिया। इसके साथ ही उनके मणिपुर के अगले मुख्यमंत्री बनने की औपचारिकता लगभग तय मानी जा रही है। वह जल्द ही मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे।

इंफाल में आयोजित बीजेपी विधायक दल की बैठक में पूर्व मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह भी मौजूद रहे। इस दौरान पार्टी के केंद्रीय प्रभारी संबित पात्रा और राष्ट्रीय महासचिव तरुण चुग की उपस्थिति में सर्वसम्मति से नेता का चयन किया गया। नेता चुने जाने के बाद खेमचंद सिंह को पूर्व सीएम एन बीरेन सिंह ने मिठाई खिलाकर बधाई दी।

गौरतलब है कि मणिपुर में मैतेई और कुकी समुदायों के बीच लंबे समय तक चले जातीय संघर्ष के बाद राज्य की राजनीतिक स्थिति अस्थिर हो गई थी। इसी पृष्ठभूमि में तत्कालीन मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह को पद छोड़ना पड़ा था। उन्होंने 9 फरवरी 2025 को इस्तीफा दिया था। इसके बाद 13 फरवरी 2025 को राज्य में राष्ट्रपति शासन लागू कर दिया गया था। तब से बीजेपी नए नेतृत्व की तलाश में जुटी थी।

62 वर्षीय युमनाम खेमचंद सिंह का जन्म 1 मार्च 1963 को हुआ था। वह मैतेई समुदाय से आते हैं और मणिपुर की सिंगजामेई विधानसभा सीट से विधायक हैं। राज्य की राजनीति में उन्हें एक अनुभवी और कद्दावर नेता माना जाता है। वह पूर्व में मणिपुर विधानसभा के अध्यक्ष (स्पीकर) भी रह चुके हैं।

पिछली एन बीरेन सिंह सरकार में उन्होंने ग्रामीण विकास और पंचायती राज जैसे अहम विभागों की जिम्मेदारी संभाली थी। उनकी छवि साफ-सुथरी और निष्पक्ष नेता की रही है, जिसके कारण वे जनता के बीच भी स्वीकार्य माने जाते हैं। विधायक दल का विश्वास जीतने के बाद अब वे मणिपुर के 13वें मुख्यमंत्री के रूप में नई जिम्मेदारी संभालने जा रहे हैं। राज्य की जनता को उनसे स्थिरता और शांति बहाली की उम्मीद है।