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युवाओं के भटकाव का मुख्य कारण दिशाहीनता: बिमल सर्राफ

लोकल डेस्क, ऋषि राज।
युवाओं के भटकाव का मुख्य कारण दिशाहीनता: बिमल सर्राफ 

रक्सौल: दिशाहीनता आज के युवा पीढ़ी की जिंदगी का सच है।देश के बहुसंख्यक युवा इस समस्या से घिरे हुए हैं।जीवन की राहों पर उनके पाँव बहकने, भटकने, फिसलने लगे हैं। वे जो कर रहे हैं,उसके अंजाम या मंजिल का उन्हें न तो पता है और न ही इसके बारे में सोचने की फुर्सत है।

उक्त विचार लायंस क्लब ऑफ रक्सौल के अध्यक्ष सह मीडिया प्रभारी एवं भारत विकास परिषद् , रक्सौल के सेवा संयोजक सह मीडिया प्रभारी सह सामाजिक कार्यकर्ता बिमल सर्राफ ने प्रेस से साझा किया।बस जिज्ञासा,कुतुहल, ख्वाहिश,शौक या फैशन के नाम पर उन्होंने इन टेढी-मेढ़ी राहों को चुना है।या फिर तनाव ,हताशा-निराशा या कुंठा ने जबरन इन्हें इन रास्तों पर धकेल दिया है।मीडिया, टी.वी.,फिल्में और आस-पास का माहौल उन्हें इसके लिए प्रेरित कर रहे हैं।सामाजिक वातावरण इस दिशाहीनता के लिए काफी कुछ हद तक जिम्मेदार है।समाज के कर्णधार,कुछ एक पत्र-पत्रिकाओं के लेखक इस समस्या को लेकर चिंतित जरूर नजर आते हैं,पर इसके कारगर समाधान को ओर किसी की कोई सार्थक कोशिश नहीं है।

आज युवाओं में जिस नशे का जोर है,उसमें शराब,सिगरेट,चरस, गांजा,अफीम, तंबाकू आदि को कोई जगह नहीं है।ये सब तो गुजरे जमाने की ओल्ड फैशन चीजें हैं।आज का नया शगल जिसे युवा अपने तनाव को दूर करने का साधन बना रहे हैं,कुछ और ही है।यह कुछ और उन्हें पबों,नाइट क्लबों या कॉफी रेस्तराओं की ओर खींचता है।युवाओं में बढ़ती नशे की लत और इसके मायावी रूपों से इनकार नहीं किया जा सकता।इसमें बहुत कुछ ऐसा है,जो युवाओं को भटकाए हुए है।उनके कदमों को आत्मघाती रास्ते पर बलात् घसीटे जा रहा है,साथ ही इंटरनेट का अत्यधिक इस्तेमाल भी फायदे के साथ नुकसान भी पहुंचा रहा है।

इंटरनेट ने जो ज्ञान एवं सूचना के नए आयाम खोले हैं,उससे देश और दुनिया में कोई अपरिचित नहीं है।युवाओं में पनपती दिशाहीनता के आयाम और भी हैं और ये इतने ज्यादा हैं कि यदि इन सबकी चर्चा एक साथ की जाए तो इसके लिए एक आलेख कम ही पड़ेगा।आज का सच तो यह है कि कुछ लोभ-लालच में फंसे हुए लोग युवाओं को बाजार के रूप में उपयोग कर रहे हैं।उन्हें युवाओं के चरित्र-व्यक्तित्व की चिंता नहीं,चिंता है तो बस,अपना बाजार और सामान बेचने की।अब भी समय है कि सभी अभिभावक अपने लाडले-लाडलियों को समय के साथ कदम कदम पर मार्गदर्शन करें और भावी पीढ़ी के निर्माण में अपनी उपयोगिता सिद्ध करें।