नेशनल डेस्क, आर्या कुमारी।
तिरुवनंतपुरम,केरल की राजधानी में सोमवार को आयोजित संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (यूडीएफ) सरकार के शपथ ग्रहण समारोह के दौरान भारी भीड़ और अव्यवस्थित प्रबंधन के कारण हालात बिगड़ गए। कार्यक्रम के दौरान अत्यधिक भीड़भाड़ और धक्का-मुक्की की स्थिति बनने से कई लोगों की तबीयत खराब हो गई, जिसके बाद करीब 30 लोगों को अस्पतालों में भर्ती कराना पड़ा। हालांकि इस दौरान कोई बड़ा हादसा सामने नहीं आया, लेकिन मौके पर मौजूद लोगों ने हालात को भगदड़ जैसी स्थिति बताया।
रिपोर्टों के मुताबिक, समारोह में बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने से स्टेडियम परिसर के भीतर और आसपास दबाव बढ़ गया। उमस भरे मौसम, लंबे समय तक भीड़ में खड़े रहने और पर्याप्त खुली जगह नहीं होने के कारण कई लोगों को सांस लेने में परेशानी होने लगी। इसके अलावा कुछ लोगों में पानी की कमी (डिहाइड्रेशन) के लक्षण भी दिखाई दिए, जिसके बाद उन्हें एम्बुलेंस की सहायता से नजदीकी अस्पतालों में पहुंचाया गया।
कार्यक्रम स्थल पर संभावित आपात स्थितियों से निपटने के लिए चिकित्सा दल और एम्बुलेंस पहले से तैनात किए गए थे। बावजूद इसके, भीड़ लगातार बढ़ने से स्थिति चुनौतीपूर्ण हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हवा के आवागमन और लोगों के आने-जाने के लिए पर्याप्त जगह नहीं होने के कारण कई लोग असहज महसूस करने लगे और कुछ लोग बेहोश होकर गिर पड़े।
समारोह में शामिल लोगों ने आयोजन स्थल पर बुनियादी सुविधाओं को लेकर भी सवाल उठाए। कई लोगों का कहना था कि भारी संख्या में जुटी भीड़ के अनुरूप पीने के पानी की पर्याप्त व्यवस्था नहीं की गई थी। भीड़ बढ़ने के साथ लोगों को लंबे समय तक इंतजार करना पड़ा, जिससे परेशानी और बढ़ गई तथा स्वास्थ्य संबंधी दिक्कतें सामने आने लगीं।
हालात सबसे ज्यादा प्रवेश द्वारों और बैरिकेड वाले इलाकों में प्रभावित दिखे, जहां एक साथ बड़ी संख्या में लोगों ने अंदर जाने की कोशिश की। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, आयोजन स्थल की क्षमता पूरी हो जाने के बावजूद लोगों का पहुंचना जारी रहा, जिससे धक्का-मुक्की और अफरा-तफरी जैसी स्थिति पैदा हो गई। कई लोगों ने दावा किया कि स्थिति कुछ समय के लिए लगभग भगदड़ जैसी हो गई थी।
रिपोर्ट के अनुसार, शपथ ग्रहण समारोह देखने के लिए 60 हजार से अधिक लोग कार्यक्रम स्थल और आसपास के क्षेत्रों में पहुंचे थे। बताया जा रहा है कि बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता और समर्थक बिना पास के भी अलग-अलग जिलों से समारोह में शामिल होने पहुंचे थे। इसके चलते स्टेडियम परिसर के भीतर और बाहर दोनों जगह भारी भीड़ जमा हो गई, जिससे पूरे आयोजन के दौरान व्यवस्थाओं पर दबाव बना रहा।
हालांकि प्रशासन और चिकित्सा टीमों की तत्परता के कारण स्थिति को नियंत्रित कर लिया गया और किसी बड़े नुकसान की सूचना नहीं मिली। फिर भी समारोह के दौरान सामने आई अव्यवस्था और भीड़ प्रबंधन को लेकर सवाल खड़े हुए हैं, खासकर तब जब इतने बड़े सार्वजनिक कार्यक्रम में सुरक्षा और बुनियादी सुविधाओं की पर्याप्त व्यवस्था को लेकर पहले से तैयारी की अपेक्षा की जाती है।







