Ad Image
Ad Image
SC ने हिमांता सरमा मामले में पवन खेड़ा को अग्रिम जमानत दी || मोतिहारी: घोड़ासहन में संगठित साइबर आर्थिक अपराध नेक्सस का भंडाफोड़, 5 गिरफ्तार || रक्सौल बॉर्डर से 12 हजार नशीली सुई समेत 2 इंटरनेशनल तस्कर गिरफ्तार || प. बंगाल: ममता बनर्जी ने एक्जिट पोल किया खारिज, काउंटिंग में सतर्कता का संदेश || MP के धार में इंदौर - अहमदाबाद हाईवे पर बड़ा सड़क हादसा, 16 की मौत || PNG के साथ LPG कनेक्शन रखने वालों पर कार्रवाई के मूड में केंद्र सरकार || SC ने नाबालिक को गर्भपात की अनुमति रखी बरकरार, एम्स की याचिका खारिज || तमिलनाडु के द. विरुधूनगर में पटाखा फैक्टरी में विस्फोट, 21 की मौत 8 घायल || हताश प्रधानमंत्री ने झूठ बोलकर देश को गुमराह करने का प्रयास किया: खरगे || विपक्ष की महिला आरक्षण रोकने की साजिश, आधी आबादी को हक दिलाएंगे: PM मोदी

The argument in favor of using filler text goes something like this: If you use any real content in the Consulting Process anytime you reach.

  • img
  • img
  • img
  • img
  • img
  • img

Get In Touch

रक्षक ही बना भक्षक: ₹50.37 लाख की लूट में दिल्ली पुलिस का हेड कांस्टेबल गिरफ्तार

क्राइम डेस्क , रानी कुमारी

नई दिल्ली। दिल्ली पुलिस के दामन पर एक बार फिर 'अपनों' ने ही दाग लगाया है। ₹50.37 लाख की सनसनीखेज लूट के मामले में पुलिस ने विभाग के ही एक हेड कांस्टेबल को गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान समय सिंह मीणा के रूप में हुई है, जो 2009 बैच का सिपाही है और वर्तमान में एक वाहिनी में तैनात था।

31 मार्च को हुई इस बड़ी लूट के बाद से ही मीणा फरार चल रहा था। हालाँकि उसके अन्य साथियों को पुलिस ने वारदात के कुछ समय बाद ही दबोच लिया था, लेकिन मीणा लगातार अपनी लोकेशन बदल रहा था। जांच टीम ने CCTV फुटेज और डिजिटल सर्विलांस की मदद से उसका पीछा किया। अंततः तकनीकी निगरानी के जरिए पुलिस को राजस्थान के दौसा में उसके छिपे होने की सटीक जानकारी मिली, जिसके बाद एक विशेष टीम ने घेराबंदी कर उसे गिरफ्तार कर लिया।

इस मामले ने पुलिस महकमे के भीतर की सतर्कता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जांच में सामने आया है कि आरोपी समय सिंह मीणा का रिकॉर्ड पुराना और दागी है। उसके खिलाफ दिल्ली के सराय रोहिल्ला और चांदनी महल थानों में पहले से 3 आपराधिक मामले दर्ज हैं। वह पहले भी गिरफ्तार हो चुका था ।हैरानी की बात यह है कि इतने गंभीर मुकदमों और गिरफ्तारी के बावजूद वह सेवा में बना रहा और विभाग को उसकी गतिविधियों की भनक नहीं लगी।

इस गिरफ्तारी के बाद अब पुलिस के आला अधिकारी इस बात की जांच कर रहे हैं कि एक दागी पुलिसकर्मी इतने लंबे समय तक सिस्टम की नजरों से कैसे बचा रहा। सूत्रों की मानें तो मीणा की गिरफ्तारी के बाद अब विभाग के कुछ अन्य लोगों पर भी गाज गिर सकती है, जो प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से उसे संरक्षण दे रहे थे।

अधिकारी का कथन: "अपराध करने वाला कोई भी हो, उसे बख्शा नहीं जाएगा, चाहे वह वर्दी में ही क्यों न हो। यह गिरफ्तारी हमारी 'जीरो टॉलरेंस' नीति का हिस्सा है।"आरोपी हेड कांस्टेबल को तुरंत निलंबित  कर दिया गया है और उसके खिलाफ सख्त धाराओं में मामला दर्ज किया गया है।

फिलहाल पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है ताकि लूट की बाकी रकम की पूरी बरामदगी की जा सके और इस नेटवर्क के अन्य संभावित सुरागों का पता लगाया जा सके। इस घटना ने एक बार फिर पुलिस महकमे के भीतर 'काली भेड़ों' की पहचान करने और उन पर सख्त कार्रवाई करने की जरूरत को दोहरा दिया है।