नेशनल डेस्क, रानी कुमारी
दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के खिलाफ दायर मानहानि याचिका को खारिज कर उन्हें बड़ी राहत दी है। अदालत ने स्पष्ट रूप से कहा कि शिकायत में लगाए गए आरोपों के आधार पर मानहानि का प्रथम दृष्टया कोई मामला नहीं बनता, इसलिए इस पर संज्ञान लेने का प्रश्न ही नहीं उठता।
यह याचिका आम आदमी पार्टी (AAP) के नेता सोमनाथ भारती की पत्नी लिपिका मित्रा द्वारा दायर की गई थी। अपनी शिकायत में लिपिका मित्रा ने आरोप लगाया था कि 17 मई 2024 को आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान निर्मला सीतारमण ने सोमनाथ भारती के वैवाहिक जीवन से जुड़े कुछ ऐसे बयान दिए, जो उनके अनुसार झूठे, भ्रामक और उनकी व्यक्तिगत व पारिवारिक प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने वाले थे।
शिकायतकर्ता की ओर से यह भी कहा गया था कि इस तरह के सार्वजनिक बयान न केवल उनकी छवि को धूमिल करते हैं, बल्कि सामाजिक रूप से भी उन्हें नुकसान पहुंचाते हैं। इसी आधार पर उन्होंने अदालत से मानहानि का मामला दर्ज कर उचित कार्रवाई की मांग की थी।
हालांकि, मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने प्रस्तुत तथ्यों, दस्तावेजों और आरोपों का परीक्षण किया। अदालत ने पाया कि शिकायत में ऐसे ठोस और विश्वसनीय साक्ष्य नहीं हैं, जिनके आधार पर यह माना जा सके कि कथित बयान कानूनी रूप से मानहानि की श्रेणी में आते हैं। अदालत ने यह भी कहा कि किसी भी आपराधिक मानहानि मामले में संज्ञान लेने के लिए स्पष्ट और मजबूत आधार आवश्यक होता है, जो इस मामले में अनुपस्थित है।
इसी के चलते राउज एवेन्यू कोर्ट ने याचिका को खारिज कर दिया और आगे किसी प्रकार की कार्यवाही से इनकार कर दिया।







