Ad Image
Ad Image
असम में दुर्घटनाग्रस्त सुखोई 30 के दोनों पायलट शहीद: वायु सेना प्रवक्ता || JDU की बैठक में निशांत के नाम पर लग सकती है नीतीश कुमार की मुहर || आज शाम JDU की अहम बैठक: अटकलों पर लगेगा विराम, तस्वीर होगी साफ || नीतीश कुमार ने नामांकन के बाद आज शाम 5 बजे बुलाई JDU की बैठक || कांग्रेस ने राज्यसभा चुनाव के लिए सिंघवी समेत 6 उम्मीदवारों की घोषणा की || बिहार में सियासी तूफान तेज: नीतीश कुमार जाएंगे राज्यसभा || प. एशिया युद्ध संकट से शेयर बाजारों में भारी गिरावट जारी || समस्तीपुर: दो लाख के ईनामी जाली नोट कारोबारी को NIA ने किया गिरफ्तार || AIR इंडिया आज यूरोप, अमेरिका के लिए फिर से शुरू करेगी विमान सेवा || नागपुर: SBL एनर्जी विस्फोट में 18 की मौत, 24 से ज्यादा घायल

The argument in favor of using filler text goes something like this: If you use any real content in the Consulting Process anytime you reach.

  • img
  • img
  • img
  • img
  • img
  • img

Get In Touch

राउज एवेन्यू कोर्ट से निर्मला सीतारमण को बड़ी राहत, मानहानि याचिका खारिज

नेशनल डेस्क, रानी कुमारी

दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के खिलाफ दायर मानहानि याचिका को खारिज कर उन्हें बड़ी राहत दी है। अदालत ने स्पष्ट रूप से कहा कि शिकायत में लगाए गए आरोपों के आधार पर मानहानि का प्रथम दृष्टया कोई मामला नहीं बनता, इसलिए इस पर संज्ञान लेने का प्रश्न ही नहीं उठता।

यह याचिका आम आदमी पार्टी (AAP) के नेता सोमनाथ भारती की पत्नी लिपिका मित्रा द्वारा दायर की गई थी। अपनी शिकायत में लिपिका मित्रा ने आरोप लगाया था कि 17 मई 2024 को आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान निर्मला सीतारमण ने सोमनाथ भारती के वैवाहिक जीवन से जुड़े कुछ ऐसे बयान दिए, जो उनके अनुसार झूठे, भ्रामक और उनकी व्यक्तिगत व पारिवारिक प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने वाले थे।

शिकायतकर्ता की ओर से यह भी कहा गया था कि इस तरह के सार्वजनिक बयान न केवल उनकी छवि को धूमिल करते हैं, बल्कि सामाजिक रूप से भी उन्हें नुकसान पहुंचाते हैं। इसी आधार पर उन्होंने अदालत से मानहानि का मामला दर्ज कर उचित कार्रवाई की मांग की थी।

हालांकि, मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने प्रस्तुत तथ्यों, दस्तावेजों और आरोपों का परीक्षण किया। अदालत ने पाया कि शिकायत में ऐसे ठोस और विश्वसनीय साक्ष्य नहीं हैं, जिनके आधार पर यह माना जा सके कि कथित बयान कानूनी रूप से मानहानि की श्रेणी में आते हैं। अदालत ने यह भी कहा कि किसी भी आपराधिक मानहानि मामले में संज्ञान लेने के लिए स्पष्ट और मजबूत आधार आवश्यक होता है, जो इस मामले में अनुपस्थित है।

इसी के चलते राउज एवेन्यू कोर्ट ने याचिका को खारिज कर दिया और आगे किसी प्रकार की कार्यवाही से इनकार कर दिया।